ग्रेटर नोएडा: जाली नोट छापने और तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, महिला समेत 3 शातिर गिरफ्तार, ₹2.54 लाख के जाली नोट व स्कॉर्पियो बरामद

ग्रेटर नोएडा के थाना इकोटेक-1 पुलिस और स्वाट टीम ने जाली नोट छापने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एक महिला समेत 3 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से ₹2.54 लाख के नकली नोट, प्रिंटर व स्कॉर्पियो बरामद हुई है।

Partap Singh Nagar
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ग्रेटर नोएडा: जाली नोट छापने और तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, महिला समेत 3 शातिर गिरफ्तार, ₹2.54 लाख के जाली नोट व स्कॉर्पियो बरामद

भारतीय टॉक न्यूज (ग्रेटर नोएडा): ग्रेटर नोएडा में फर्जी भारतीय मुद्रा (जाली नोट) छापने और उनकी बाजार में तस्करी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। थाना इकोटेक प्रथम पुलिस और ग्रेटर नोएडा जोन की स्वाट (SWAT) टीम ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर एक महिला समेत गिरोह के तीन शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अभियुक्तों के पास से ₹100-100 के करीब 2,54,900 रुपये मूल्य के 2,549 जाली नोट, एक हाई-टेक प्रिंटर, कटिंग मशीन, 4 मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल की जा रही एक स्कॉर्पियो कार (HR 30 AF 9184) बरामद की है।

सिरसा गोल चक्कर से हुई आरोपियों की गिरफ्तारी

पुलिस मीडिया सेल के अनुसार, 5 अक्टूबर को गुप्त सूचना और सर्विलांस की मदद से इकोटेक प्रथम पुलिस और स्वाट टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए सिरसा गोल चक्कर के पास घेराबंदी की। इस दौरान संदिग्ध स्कॉर्पियो कार में सवार तीन लोगों को दबोच लिया गया।

गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण:

  1. बन्टी अत्री (उम्र 23 वर्ष), पुत्री रामपाल सिंह — निवासी ग्राम पालर, थाना टप्पल, जिला अलीगढ़ (उ.प्र.)।
  2. खुशदिल (उम्र 21 वर्ष), पुत्र तेजवीर — निवासी ग्राम कसेरू, थाना चंडौस, जिला अलीगढ़ (उ.प्र.)।
  3. उपेन्द्र कुमार (उम्र 25 वर्ष), पुत्र योगेन्द्र सिंह — निवासी ग्राम जला कसेरू, थाना चंडौस, जिला अलीगढ़ (उ.प्र.)।

ठगी का शातिराना तरीका: बैंक डिपॉजिट स्लिप और असली नोटों का सहारा

पूछताछ में पुलिस को अभियुक्तों के बेहद शातिराना मोडस ऑपरेंडी (काम करने के तरीके) का पता चला। आरोपी सबसे पहले असली नोटों को स्कैन करते थे और फिर प्रिंटर की मदद से उसी सीरियल नंबर के दर्जनों नकली नोट छाप लेते थे। इसके बाद नोटों की कटिंग मशीन से सफाई से कटाई की जाती थी।

लोगों और व्यापारियों को झांसा देने के लिए ये जाली नोटों की गड्डी बनाते समय सबसे ऊपर और सबसे नीचे असली नोट लगाते थे। गड्डी को प्रामाणिक और बैंक से निकली हुई दिखाने के लिए ये उस पर केनरा बैंक की डिपॉजिट स्लिप लगाकर रबर बैंड से पैक कर देते थे, जिससे किसी को शक न हो और वे आसानी से बाजार में असली नोट के रूप में इसे खपा सकें।

आर्म्स और काउंटरफिटिंग की धाराओं में केस दर्ज

पुलिस ने तीनों अभियुक्तों के खिलाफ थाना इकोटेक प्रथम में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 178, 179 और 180 के तहत मुकदमा दर्ज (मु०अ०सं० 106/2026) कर लिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह गिरोह अब तक बाजार में कितने मूल्य के जाली नोट खपा चुका है और इनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन-कौन हैं।

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