भारतीय टॉक न्यूज (दिल्ली/नोएडा): दिल्ली के चिल्ला क्षेत्र के रहने वाले 35 वर्षीय अजय डेढ़ा चौधरी के लिए फिटनेस केवल एक शौक नहीं, बल्कि उनकी पहचान थी। खुद घंटों पसीना बहाना और इलाके के युवाओं को बॉडीबिल्डिंग के गुर सिखाना उनकी रोजमर्रा की दिनचर्या का हिस्सा था। लेकिन दो साल पहले जब उन्होंने अपना जिम बंद कर बाउंसर का काम शुरू किया, तो किसी ने नहीं सोचा था कि जिंदगी का यह नया ढर्रा एक खौफनाक मोड़ पर जाकर खत्म होगा।
24 सितंबर की रात घर लौटने के दौरान अचानक रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुए अजय चौधरी का शव गाजीपुर फूल मंडी के पास एक नाले से बरामद हुआ है। शरीर पर चाकू के निशान मिलने के बाद परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है।

जिम ट्रेनर से बाउंसर तक का सफर
पत्नी सुजाता के अनुसार, अजय डेढ़ा का अपना जिम था जहाँ वे युवाओं को ट्रेनिंग देते थे। करीब दो साल पहले उन्होंने जिम बंद कर दिया और नोएडा में एक बिल्डर कारोबारी के यहाँ बतौर बाउंसर व ड्राइवर काम करने लगे। इसी दौरान उन्होंने सोशल मीडिया से भी पूरी तरह दूरी बना ली थी और अपना दायरा काम तथा परिवार तक ही सीमित कर लिया था। परिवार में पत्नी, दो छोटे बच्चे और बड़े भाई हैं, जो उस रात उनके लौटने का इंतजार कर रहे थे।
24 सितंबर की खौफनाक रात: अनहोनी की आशंका में भेजी तस्वीर
पत्नी सुजाता ने उस दर्दनाक रात की कहानी सुनाते हुए बताया कि अजय नोएडा के सेक्टर-71 से घर के लिए निकले थे। सफर के दौरान उन्हें रास्ते में किसी अनहोनी का अंदेशा हुआ, जिसके बाद उन्होंने जिस ऑटो में वे सवार थे, उसकी और आनंद विहार के पास की एक दुकान की तस्वीरें पत्नी को व्हाट्सएप पर भेजीं।
पुलिस के मुताबिक, सेक्टर-71 से निकलने के बाद वे छिजारसी स्थित अपने दोस्त राजेश शर्मा से मिलने गए थे। वहाँ से ऑटो लेकर जब वे आनंद विहार पहुँचे, तो उन्होंने एक दुकान से पानी व नमकीन खरीदा। रात करीब 11:22 बजे उनकी पत्नी से आखिरी बार बात/मैसेज का आदान-प्रदान हुआ और उसके ठीक बाद उनका मोबाइल फोन अचानक बंद हो गया।
फोन बंद होते ही बढ़ी बेचैनी, नाले से मिला क्षत-विक्षत शव
अजय डेढ़ा का फोन बंद मिलने पर परिजनों ने अपने स्तर पर काफी खोजबीन की, लेकिन कोई अता-पता नहीं चला। 26 सितंबर को परिजनों ने नोएडा के थाना फेज-3 में गुमशुदगी दर्ज कराई। इसी बीच दिल्ली पुलिस को गाजीपुर फूल मंडी के पास नाले में एक अज्ञात शव मिलने की सूचना मिली।
1 अक्टूबर को परिजनों ने जब मोर्चरी जाकर पहचान की, तो वह शव अजय चौधरी का ही निकला। परिजनों का दावा है कि अजय के शरीर और गर्दन पर तेजधारदार हथियार (चाकू) के गंभीर निशान थे, जो स्पष्ट रूप से हत्या की ओर इशारा करते हैं।
पुलिस जांच में जुटी, परिजनों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
घटना के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। नोएडा के थाना फेज-3 में दर्ज गुमशुदगी के बाद अब परिजनों ने दिल्ली के मयूर विहार फेज-1 थाने में हत्या की आशंका जताते हुए तहरीर दी है, जिस पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब घटनास्थल और ऑटो के रूट के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, ताकि उस रात घटे घटनाक्रम की पूरी सच्चाई सामने आ सके।

