गौतमबुद्धनगर : बेसमेंट में कोचिंग और अस्पताल चलाने वालों पर कसेगा शिकंजा, DM का 15 दिन का अल्टीमेटम; नहीं तो होगी सीलिंग

गौतमबुद्धनगर के डीएम ने कोचिंग, अस्पताल और होटलों को 15 दिन में फायर NOC और रजिस्ट्रेशन पूरा करने का अल्टीमेटम दिया है। बेसमेंट में कोचिंग चलाने पर होगी सीलिंग की कार्रवाई। पूरी खबर पढ़ें भारतीय टॉक न्यूज़ पर।

Partap Singh Nagar
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गौतमबुद्धनगर : बेसमेंट में कोचिंग और अस्पताल चलाने वालों पर कसेगा शिकंजा, DM का 15 दिन का अल्टीमेटम; नहीं तो होगी सीलिंग

ग्रेटर नोएडा/नोएडा/भारतीय टॉक न्यूज़ : देश के अन्य हिस्सों में कोचिंग सेंटरों और अस्पतालों में शॉर्ट सर्किट या बेसमेंट में पानी भरने जैसी दर्दनाक घटनाओं से सबक लेते हुए गौतमबुद्धनगर प्रशासन अब पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। जनपद में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों, होटलों और पीजी (PG) में अग्नि सुरक्षा मानकों (Fire Safety Norms) का 100% पालन कराने के लिए जिलाधिकारी (DM) की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में एक बेहद महत्वपूर्ण और हाई-लेवल बैठक संपन्न हुई।

गौतमबुद्धनगर : बेसमेंट में कोचिंग और अस्पताल चलाने वालों पर कसेगा शिकंजा, DM का 15 दिन का अल्टीमेटम; नहीं तो होगी सीलिंग

जिलाधिकारी ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जनसुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सभी व्यावसायिक संस्थानों को 15 दिनों के भीतर फायर एनओसी (NOC) और आवश्यक पंजीकरण हर हाल में पूरा करना होगा, अन्यथा संस्थान को सील कर दिया जाएगा।

बेसमेंट में नहीं चलेंगी व्यावसायिक गतिविधियां

बैठक में जिलाधिकारी ने सबसे कड़ा रुख बेसमेंट के इस्तेमाल को लेकर अपनाया। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि:

🔸किसी भी स्थिति में बेसमेंट में कोचिंग संस्थान, अस्पताल, होटल या रेस्टोरेंट का संचालन नहीं किया जाएगा।

🔸बेसमेंट का उपयोग केवल बिल्डिंग बायलॉज के नियमों के अनुसार ही हो सकता है।

🔸यदि किसी भी निरीक्षण के दौरान बेसमेंट में ऐसी गतिविधियां पाई गईं, तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ बिना किसी रियायत के सीधे सीलिंग और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बायोमेट्रिक गेट और लिफ्ट एक्ट को लेकर सख्त निर्देश

अक्सर देखा जाता है कि आपातकाल के समय इलेक्ट्रॉनिक या बायोमेट्रिक गेट लॉक हो जाते हैं, जिससे बड़ी जनहानि की आशंका रहती है। इस पर डीएम ने सख्त हिदायत दी:

“जहां भी बायोमेट्रिक या इलेक्ट्रॉनिक प्रवेश द्वार लगे हैं, वहां हर समय एक जिम्मेदार कर्मचारी की तैनाती अनिवार्य होगी। यदि कर्मचारी मौजूद नहीं है, तो आपातकालीन स्थिति में सुरक्षित निकासी के लिए एग्जिट गेट को हमेशा खुला रखा जाए।”

इसके साथ ही, जनपद में लिफ्ट अधिनियम (Lift Act) का कड़ाई से अनुपालन करने को कहा गया है। जिन संस्थानों में लिफ्ट लगी हैं, उन्हें उसका विधिवत रजिस्ट्रेशन, नियमित सुरक्षा परीक्षण और वार्षिक अनुरक्षण अनुबंध (AMC) कराना अनिवार्य कर दिया गया है।

हर हफ्ते करनी होगी फायर मॉक ड्रिल

हादसे के वक्त पैनिक (अफरा-तफरी) से बचने के लिए प्रशासन ने ट्रेनिंग पर जोर दिया है। अब सभी संस्थानों को नियमित रूप से अग्नि सुरक्षा संबंधी मॉक ड्रिल (Mock Drill) आयोजित करनी होगी। संस्थान के हर शिफ्ट के कर्मचारियों की इसमें शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि किसी भी अप्रिय घटना के समय नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।

अधिकारियों की टीम करेगी ‘युद्धस्तर’ पर निरीक्षण

जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट में मौजूद अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग और विद्युत सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे संयुक्त टीमें बनाकर जनपद में युद्धस्तर पर सघन चेकिंग अभियान चलाएं। सभी टीमों को रोजाना की प्रोग्रेस रिपोर्ट (प्रगति आख्या) जिला मुख्यालय को सौंपनी होगी।

इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अजीत कुमार सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) प्रदीप कुमार चौबे, नगर मजिस्ट्रेट अरविंद कुमार मिश्र, उप जिलाधिकारी सदर आशुतोष गुप्ता, डिप्टी कलेक्टर विवेक भदोरिया और जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) चंद्रशेखर सहित विभिन्न वाणिज्यिक व शैक्षणिक संस्थानों के संचालक एवं प्रबंधक मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

 

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