गौतमबुद्धनगर, भारतीय टॉक न्यूज़ : फर्जी रजिस्ट्री और धोखाधड़ी के जरिए भोले-भाले लोगों की गाढ़ी कमाई हड़पने वाले गिरोहों के खिलाफ पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में थाना जारचा पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और बीट पुलिसिंग की मदद से एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने फर्जी रजिस्ट्री के जरिए 3 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने वाले एक शातिर वांछित (Wanted) अभियुक्त को गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया है।
गाजियाबाद के शास्त्रीनगर से हुई गिरफ्तारी
थाना जारचा पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, पकड़ा गया आरोपी रमेश (उम्र करीब 55 वर्ष), पुत्र गोपाल है, जो गाजियाबाद के थाना कविनगर क्षेत्र के शास्त्रीनगर का रहने वाला है। पुलिस की टीम काफी समय से इसकी तलाश में जुटी हुई थी। बुधवार को सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे उसके ठिकाने से धर दबोचा।
क्या था पूरा मामला?
आरोपी रमेश ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर एक व्यक्ति को झांसे में लिया और फर्जी दस्तावेज तैयार कर एक जमीन की जाली रजिस्ट्री कर डाली। इस खेल में पीड़ित से 3 करोड़ रुपये से अधिक की मोटी रकम ऐंठ ली गई। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने जारचा थाने में तहरीर दी, जिसके आधार पर 27 अप्रैल 2026 को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं (318(4)/338/336(3)/340(2)/61(2)) के तहत मु0अ0सं0 76/26 दर्ज किया गया था।
पुलिस इस हाई-प्रोफाइल मामले में पहले ही बेहद मुस्तैदी दिखाते हुए गिरोह के 08 अन्य सह-अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। रमेश इस मामले में लगातार फरार चल रहा था।
ठगी का पुराना उस्ताद है रमेश: दर्ज हैं आधा दर्जन मुकदमे
पुलिस की जांच में सामने आया है कि रमेश कोई नौसिखिया नहीं, बल्कि पेशेवर ठग है। जारचा थाने में ही उसके खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी के एक के बाद एक कुल 6 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
जारचा पुलिस अब आरोपी रमेश को कोर्ट में पेश कर जेल भेजने की तैयारी कर रही है। साथ ही पुलिस इस बात का भी पता लगा रही है कि इस सिंडिकेट ने दिल्ली-एनसीआर में और कितने लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया है।

