भारतीय टॉक न्यूज़ (विशेष रिपोर्ट)/ ग्रेटर नोएडा: ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र में 6 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और नृशंस हत्या के आरोपी शातिर अपराधी बलराज को पुलिस मुठभेड़ में ढेर करने पर नोएडा पुलिस की चौतरफा सराहना हो रही है। पीड़ित परिवार को त्वरित न्याय दिलाने और क्षेत्र में कानून का इकबाल बुलंद करने के लिए मुस्लिम समाज के प्रबुद्ध लोगों ने पुलिस कमिश्नरेट पहुँचकर पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह, डीसीपी सेंट्रल नोएडा और एडीसीपी स्वतंत्र सिंह का फूल-मालाओं और स्मृति चिह्न भेंट कर नागरिक अभिनंदन किया।
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि नोएडा पुलिस ने जिस तत्परता और कठोरता से मासूम बच्ची के दरिंदे का काम तमाम किया, उससे न केवल पीड़ित परिवार को इंसाफ मिला है बल्कि कानून और व्यवस्था के प्रति आम जनता का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।


28 अगस्त को हुई थी अमानवीय वारदात, सीसीटीवी से बेनकाब हुआ था दरिंदा
उल्लेखनीय है कि यह दुखद घटना ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र के ग्राम हल्द्वानी में 28 अगस्त 2026 को सामने आई थी, जब 6 साल की मासूम बच्ची अचानक लापता हो गई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आसपास के दर्जनों सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में मुख्य आरोपी बलराज बच्ची को बहला-फुसलाकर ले जाते और कुछ देर बाद एक बोरे में सामान भरकर जंगल की तरफ ले जाते हुए साफ दिखाई दिया।
पुलिस ने तत्काल बलराज को हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने मासूम के साथ हैवानियत की हदें पार करते हुए दुष्कर्म किया, फिर चाकू से गोदकर उसकी निर्मम हत्या कर दी और शव को बोरे में बंद कर जंगल में फेंक दिया था। आरोपी बलराज पर पूर्व से भी हत्या और दुष्कर्म जैसे कई संगीन मुकदमे दर्ज थे।
चाकू बरामदगी के दौरान पिस्टल छीनकर की थी फायरिंग, एनकाउंटर में हुआ था ढेर
पूछताछ के बाद पुलिस टीम जब आरोपी बलराज को घटना में इस्तेमाल चाकू बरामद कराने के लिए डी पार्क चौकी के पास ग्रीन बेल्ट ले गई, तो आरोपी ने चालाकी दिखाते हुए झाड़ियों में छिपाई अवैध पिस्टल से पुलिस टीम पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोपी द्वारा चलाई गई गोली से एक पुलिसकर्मी घायल हो गया था।
पुलिस टीम ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें गोली लगने से आरोपी बलराज गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। इस त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई के लिए स्थानीय नागरिकों और मुस्लिम समुदाय ने पुलिस अधिकारियों के साहस और निष्ठा की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए उनका धन्यवाद ज्ञापन किया।

