यमुना सिटी/जेवर | भारतीय टॉक न्यूज़ : जेवर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम बनवासीबास के 15 वर्षीय छात्र गोपाल शर्मा की सनसनीखेज हत्या का मामला अब देश के सियासी गलियारों तक पहुंच गया है। इस संवेदनशील और गंभीर मामले का खुद देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने संज्ञान लिया है। रक्षामंत्री ने मंगलवार को पीड़ित परिवार से फोन पर सीधे बात की और पूरी घटना की जानकारी ली। राजनाथ सिंह ने दुखी परिजनों को ढांढस बंधाते हुए आश्वासन दिया है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और वह खुद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस विषय पर गंभीर चर्चा करेंगे।
बनवासीबास गांव के रहने वाले रवि भूषण का 15 वर्षीय बेटा गोपाल शर्मा बीती 21 मई 2026 को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। इसके अगले ही दिन यानी 22 मई को उसका शव पड़ोस के गांव रोही में एक सुनसान खाली पड़े मकान से बरामद हुआ था। वारदात के बाद जेवर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई का दावा करते हुए एक एनकाउंटर (मुठभेड़) के बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था और केस का पटाक्षेप करने की कोशिश की थी।
हालांकि, पुलिस के इस जल्दबाजी वाले खुलासे से गोपाल के परिजन और ग्रामीण बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हैं। पीड़ित परिवार का सीधा आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने इस हत्याकांड से जुड़े कई अहम और चौंकाने वाले तथ्यों को जानबूझकर छिपा लिया है। परिजनों का कहना है कि जिन तीन लोगों को पुलिस ने जेल भेजा है, वे वास्तविक कातिल नहीं हैं बल्कि उन्हें मोहरा बनाकर असली गुनहगारों को बचाया जा रहा है, जो अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर खुलेआम घूम रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलना चाहता है परिवार
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से फोन पर बात करते हुए गोपाल के परिजनों ने अपना दर्द बयां किया। उन्होंने बताया कि वे इस मामले की सीबीआई (CBI) जांच की मांग को लेकर लगातार उच्च अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। पीड़ित परिवार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर अपनी बात उनके सामने प्रत्यक्ष रूप से रखना चाहता है, लेकिन कुछ स्थानीय प्रशासनिक अड़चनों और अधिकारियों के रवैये के कारण उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने का समय नहीं दिया जा रहा है।
परिजनों की इस व्यथा को सुनकर केंद्रीय रक्षामंत्री ने उन्हें भरोसा दिया कि वे खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में बात करेंगे और परिवार की मुख्यमंत्री से मुलाकात सुनिश्चित कराने के साथ-साथ मामले की सीबीआई या किसी अन्य उच्च स्तरीय एजेंसी से जांच कराने की सिफारिश भी करेंगे।

