भारतीय टॉक न्यूज़ (विशेष रिपोर्ट)/ ग्रेटर नोएडा: आम जनमानस की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए त्योहारों पर भी अपने घर से दूर रहने वाले पुलिसकर्मियों के लिए इस बार का रक्षाबंधन बेहद खास और यादगार रहा। कमिश्नरेट गौतम बुद्ध नगर पुलिस की पहल पर थाना बादलपुर परिसर में एक विशेष रक्षाबंधन व सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्कूली छात्र-छात्राओं ने थाना प्रभारी (SO) विजय गुप्ता और थाने में तैनात पुलिस जवानों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर इस पावन पर्व को पूरे रीति-रिवाज के साथ मनाया।
कार्यक्रम के दौरान न केवल रक्षाबंधन की खुशियां बांटी गईं, बल्कि स्कूली छात्र-छात्राओं ने पुलिस और कानून व्यवस्था से जुड़े कई सुरक्षा संबंधी सवाल भी किए। थाना प्रभारी विजय गुप्ता ने बच्चों के प्रश्नों का बेहद सहज और सरल तरीके से उत्तर देते हुए उन्हें सुरक्षा के गुर सिखाए।


थाना प्रभारी ने समझाया पुलिस और समाज के आपसी समन्वय का महत्व
छात्रों से संवाद करते हुए थाना प्रभारी विजय गुप्ता ने कहा कि पुलिस और समाज के बीच सामंजस्य और विश्वास का होना बेहद जरूरी है। पुलिस समाज की दुश्मन नहीं बल्कि सुरक्षा कवच है। जब तक समाज और पुलिस एक-दूसरे का सहयोग नहीं करेंगे, तब तक एक भयमुक्त और अपराधमुक्त वातावरण का निर्माण संभव नहीं है। उन्होंने छात्राओं को आपातकालीन स्थिति में इस्तेमाल होने वाले हेल्पलाइन नंबरों, महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनों और अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी।
इस दौरान स्कूली बच्चियों और महिला पुलिसकर्मियों ने पूरे विधि-विधान से पुलिसकर्मियों का तिलक किया, आरती उतारी और राखी बांधी। पुलिसकर्मियों ने भी नन्ही बच्चियों को दुलारते हुए उनकी सदैव रक्षा करने का वचन दिया और उन्हें आकर्षक उपहार भेंट किए।
थाने का किया भ्रमण, प्रिंसिपल व शिक्षक रहे मौजूद
इसके बाद महिला पुलिसकर्मियों ने छात्राओं को पूरे बादलपुर थाना परिसर का भ्रमण कराया। बच्चों को एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया, मालखाना, हवालात और पुलिस की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से समझाया गया। सुरक्षा का व्यावहारिक ज्ञान पाकर स्कूली छात्र-छात्राएं बेहद उत्साहित नजर आए।
इस खास आयोजन के मौके पर थाना प्रभारी विजय गुप्ता, स्कूल की प्रिंसिपल, साथी अध्यापक, बादलपुर थाने की पूरी टीम (समस्त सब-इंस्पेक्टर व पुलिसकर्मी) तथा स्कूली छात्र-छात्राएं मुख्य रूप से मौजूद रहे। प्रिंसिपल व शिक्षकों ने पुलिस प्रशासन की इस संवेदनशील और सराहनीय पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों के मन से पुलिस का डर दूर होता है और वे एक जिम्मेदार नागरिक बनने की ओर अग्रसर होते हैं।


