Greater Noida/ भारतीय टॉक न्यूज़: फिलीपींस की राजधानी मनीला में आयोजित 48वीं मिसेज यूनिवर्स प्रतियोगिता में ग्रेटर नोएडा के मकौड़ा गांव की बेटी शेरी सिंह ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। दुनियाभर के 120 देशों की प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए शेरी ने मिसेज यूनिवर्स 2025 का प्रतिष्ठित ताज अपने नाम कर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का परचम लहराया है। यह पहली बार है जब किसी भारतीय महिला ने यह खिताब जीता है, जिससे पूरे देश, विशेषकर गौतमबुद्ध नगर में जश्न का माहौल है।
शेरी सिंह की इस शानदार उपलब्धि की खबर जैसे ही उनके गांव मकौड़ा पहुंची, वहां दीपावली से पहले ही उत्सव मनाया जाने लगा। ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटकर और ढोल-नगाड़ों के साथ अपनी बेटी की इस वैश्विक सफलता का जश्न मनाया।

गर्व से झूमा परिवार और क्षेत्र
शेरी के पिता और पूर्व विधायक समीर भाटी ने अपनी बेटी की इस ऐतिहासिक जीत पर खुशी और गर्व व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “शेरी की मेहनत, लगन और आत्मविश्वास ने आज न केवल हमारे परिवार को, बल्कि पूरे गौतमबुद्ध नगर जिले और देश को गौरवान्वित किया है। उसने यह साबित कर दिया है कि भारत की बेटियां किसी से कम नहीं हैं।”
ग्रामीणों ने भी एक स्वर में कहा कि शेरी ने यह जीत हासिल कर पूरे ग्रेटर नोएडा और देश का मान बढ़ाया है। उनकी यह विजय भारतीय महिलाओं की प्रतिभा, आत्मविश्वास और विश्व मंच पर उनके बढ़ते प्रभाव का प्रतीक है।
सपनों की उड़ान और प्रेरणा का संदेश
अपनी जीत पर भावुक शेरी सिंह ने कहा, “यह जीत सिर्फ मेरी नहीं है, यह हर उस महिला की है जिसने कभी सीमाओं से परे सपने देखने की हिम्मत की है। मैं दुनिया को दिखाना चाहती थी कि सच्ची सुंदरता ताकत, दया और लचीलेपन के मेल से परिभाषित होती है।”
उन्होंने अपने सफर को याद करते हुए बताया कि मिसेज यूनिवर्स प्रतियोगिता का रास्ता उनके लिए मिसेज इंडिया 2025 का खिताब जीतने के बाद खुला था। शेरी ने उस पल को अविस्मरणीय बताया जब उन्हें ताज पहनाया जा रहा था और पृष्ठभूमि में भारतीय तिरंगा शान से लहरा रहा था। उन्होंने अपनी इस जीत को देश की हर महिला को समर्पित किया और इसे उनकी प्रेरणा का स्रोत बताया।
शेरी सिंह ने अपनी इस यात्रा में महिला सशक्तिकरण और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता को अपना मुख्य उद्देश्य बताया, जिसकी झलक प्रतियोगिता के दौरान भी देखने को मिली। उनकी वाक्पटुता और सामाजिक मुद्दों पर स्पष्ट विचारों ने भी जजों को काफी प्रभावित किया। यह ऐतिहासिक जीत भारत के लिए एक स्वर्णिम अध्याय है, जो आने वाली पीढ़ियों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित करेगा।

