रबूपुरा/ग्रेटर नोएडा | भारतीय टॉक न्यूज़ : ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा कस्बे में सोमवार को एक बेहद रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक रहस्यमयी बीमारी/फूड प्वाइजनिंग के चलते सगे मासूम भाई-बहन की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं उनकी मां की हालत अभी भी बेहद चिंताजनक बनी हुई है, जिनका वेंटिलेटर पर इलाज चल रहा है। घटना के बाद से पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है और पूरे कस्बे में गमगीन माहौल है।
शुरुआती तौर पर पुलिस और स्थानीय लोग इसे फूड प्वाइजनिंग का मामला मान रहे हैं, लेकिन परिवार का एक पक्ष अस्पताल से फैले किसी खतरनाक संक्रमण (इन्फेक्शन) की आशंका भी जता रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है और जांच के लिए विशेष टीमें मौके पर भेजी गई हैं।
रविवार शाम से शुरू हुआ था उल्टी का दौर, सोमवार को बिगड़ी बात
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रबूपुरा कस्बे के मोहल्ला शांति नगर निवासी अनिल तोमर अनाज मंडी मोड़ पर बान-पट्टी की दुकान चलाते हैं। उनके परिवार में पत्नी रूबी (40), तीन बेटियां दिव्या (12), दीपिका (10), दीपांशी (8) और एक 5 साल का मासूम बेटा प्रिंस था।
पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, रविवार (7 जून) की शाम को अचानक अनिल की पत्नी रूबी, बेटी दीपांशी और बेटे प्रिंस को तेज उल्टी की शिकायत हुई थी। उस वक्त परिजनों ने कस्बे के ही एक निजी डॉक्टर से दवाई दिला दी, जिससे रात में थोड़ा आराम मिल गया। सोमवार सुबह करीब 8 बजे पूरे परिवार (पति, पत्नी और चारों बच्चों) ने नाश्ते में थोड़ा पास्ता और ब्रेड खाया। नाश्ता करने के ठीक एक घंटे बाद रूबी, दीपांशी और प्रिंस की तबीयत अचानक इतनी ज्यादा बिगड़ गई कि वे बेहोशी की हालत में आ गए।
परिजनों ने आनन-फानन में तीनों को ग्रेटर नोएडा स्थित यथार्थ अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने भरसक प्रयास किया, लेकिन इलाज के दौरान 8 वर्षीय मासूम दीपांशी और 5 वर्षीय बेटे प्रिंस ने दम तोड़ दिया। एक साथ दो मासूम बच्चों की मौत की खबर सुनते ही अस्पताल से लेकर रबूपुरा कस्बे तक चीख-पुकार मच गई। बच्चों की मां रूबी की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और डॉक्टर लगातार उनकी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
फूड प्वाइजनिंग या अस्पताल का कोई जानलेवा संक्रमण?
इस दोहरी मौत के पीछे दो अलग-अलग थ्योरी सामने आ रही हैं, जो जांच का विषय हैं:
🔸पुलिस और प्रशासन का दावा (फूड प्वाइजनिंग): रबूपुरा थाना पुलिस और स्थानीय डॉक्टरों का शुरुआती अनुमान है कि यह मामला ‘फूड प्वाइजनिंग’ का है। रात के भोजन या सुबह के नाश्ते में कुछ ऐसा था जो बच्चों के शरीर में जहर बन गया।
🔸परिजनों की आशंका (अस्पताल का संक्रमण): वहीं, परिवार के कुछ लोगों का तर्क है कि अगर यह सिर्फ फूड प्वाइजनिंग होती, तो सुबह वही नाश्ता करने वाले बाकी तीन लोगों (पति अनिल और दो बड़ी बेटियों दिव्या व दीपिका) की हालत भी उतनी ही खराब होती। परिजनों ने बताया कि मां रूबी का कुछ दिनों पहले इसी यथार्थ अस्पताल में रसौली का ऑपरेशन हुआ था। वह कई दिन भर्ती रहने के बाद तीन दिन पहले ही डिस्चार्ज होकर घर लौटी थीं। इस दौरान दोनों छोटे बच्चे (दीपांशी और प्रिंस) भी अस्पताल में अपनी मां के साथ ही रह रहे थे। आशंका है कि अस्पताल के वार्ड से ही तीनों को कोई बेहद खतरनाक बैक्टीरियल या वायरल संक्रमण लगा था, जो घर आने पर जानलेवा साबित हुआ।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने अस्पताल पहुंचकर शवों को कब्जे में लिया है। पुलिस मीडिया सेल के अनुसार, परिजनों ने अभी किसी भी प्रकार की संदिग्ध परिस्थिति या साजिश से इनकार किया है, लेकिन पुलिस हर पहलू की वैधानिक जांच कर रही है।
उधर, जेवर के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर शफ सर्फे जेया ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही शांति नगर स्थित पीड़ित के घर और कस्बे में स्वास्थ्य विभाग की टीम भेज दी गई है। नाश्ते और पानी के सैंपल लेने के साथ-साथ यह भी जांचा जा रहा है कि कहीं कस्बे में कोई संक्रामक बीमारी तो नहीं फैल रही है। वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम और लैब रिपोर्ट के बाद ही साफ हो सकेगा।

