नोएडा में बड़ी कार्रवाई: ₹11 करोड़ के फर्जी इनवॉइस से ₹2 करोड़ का GST क्लेम करने वाला अकाउंटेंट गिरफ्तार, धोखाधड़ी के तार अन्य अभियुक्त से जुड़े

Major action in Noida: Accountant arrested for claiming ₹2 crore GST on fake invoices worth ₹11 crore; fraud linked to other accused

Partap Singh Nagar
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नोएडा में बड़ी कार्रवाई: ₹11 करोड़ के फर्जी इनवॉइस से ₹2 करोड़ का GST क्लेम करने वाला अकाउंटेंट गिरफ्तार, धोखाधड़ी के तार अन्य अभियुक्त से जुड़े

Noida/भारतीय टॉक न्यूज़: नोएडा पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की साइबर क्राइम थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने लगभग 11 करोड़ रुपये के फर्जी इनवॉइस तैयार कर और करीब 2 करोड़ रुपये का वस्तु एवं सेवा कर (GST) क्लेम करके धोखाधड़ी करने के आरोप में एक वांछित अभियुक्त अब्दुल राजीक उर्फ़ अब्दुल रज्जाक (उम्र करीब 27 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। अभियुक्त के कब्जे से एक मोबाइल फोन और कूटरचित (फर्जी) GST बिल भी बरामद किए गए हैं।

घटना और गिरफ्तारी का विवरण

थाना साइबर क्राइम नोएडा पुलिस ने 04 दिसंबर 2025 को संकलित सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को नोएडा से धर दबोचा। अभियुक्त अब्दुल राजीक, जो कि कंपनी के अकाउंट सेक्शन में काम करता था, उस पर आरोप है कि उसने इनकम टैक्स रिटर्न/जीएसटी पोर्टल पर कंपनी की आईडी और पासवर्ड को हैक करके ऑनलाइन माध्यम से लगभग ₹11 करोड़ रुपये के फर्जी इनवॉइस अपलोड किए, जिसके एवज में करीब ₹2 करोड़ रुपये का अवैध जीएसटी क्लेम लिया गया।

इस संबंध में वादी मुकदमा द्वारा 02 अगस्त 2025 को स्थानीय थाने में लिखित सूचना दी गई थी, जिसके आधार पर मु0अ0सं0 81/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 319(2), 318(4), 336(3), 338, 340(2), 352, 351(2), 351(3), 61(2) BNS और 66C आईटी एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था।

पूछताछ में हुआ खुलासा

पुलिस पूछताछ में अभियुक्त अब्दुल राजीक ने स्वीकार किया कि वह अकाउंटेंट का काम करता है और जीएसटी क्लेम का कार्य भी देखता है। इसी दौरान उसकी मुलाकात पहले से गिरफ्तार हो चुके अभियुक्त अभिनव त्यागी से जीएसटी कार्यालय में हुई थी। अभिनव त्यागी ने उसे जीएसटी बिल खरीदने वाले ग्राहक उपलब्ध कराने के बदले 1 प्रतिशत कमीशन देने का वादा किया था।

राजीक ने बताया कि उसने अभिनव त्यागी से कई फर्जी बिल प्राप्त किए और ग्राहकों को बेचे। ग्राहकों से प्राप्त धनराशि में से राजीक ने अपना कमीशन (करीब ₹1 लाख रुपये) काटकर शेष रकम अभिनव त्यागी को दे दी थी। यह खुलासा दर्शाता है कि यह धोखाधड़ी एक बड़े संगठित गिरोह का हिस्सा हो सकती है।

अभियुक्त का विवरण

🔸 नाम: अब्दुल राजीक उर्फ़ अब्दुल रज्जाक

🔸 पिता का नाम: मोहम्मद अस्दुल्लाह

🔸 उम्र: करीब 27 वर्ष

🔸 निवासी: बसहिया शेख, पोस्ट व थाना पिपराढ़ी, शिवहर (बिहार) (वर्तमान पता: जाकिर नगर, मेन रोड, बाटला हाउस, दिल्ली)

साइबर जागरूकता सुझाव

पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर के मीडिया सेल ने इस घटना के माध्यम से जनता को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने की अपील की है:

🔸शिकायत करें: साइबर से संबंधित किसी भी समस्या के लिए तत्काल हेल्पलाइन 1930 या वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

🔸 सतर्क रहें: किसी अज्ञात लिंक, कॉल, ईमेल या मैसेज पर विश्वास न करें और OTP, बैंक विवरण, पासवर्ड आदि किसी के साथ साझा न करें।

🔸धोखाधड़ी से बचें: KYC, इनाम, कैशबैक, लोन या क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने के नाम पर आने वाले कॉल/मैसेज से हमेशा सतर्क रहें।

🔸मजबूत सुरक्षा: सोशल मीडिया एवं बैंकिंग खातों में मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेन्टिकेशन (2FA) का उपयोग अवश्य करें।

पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है और अन्य शामिल व्यक्तियों की तलाश जारी है।

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