दादरी (गौतमबुद्ध नगर)/ भारतीय टॉक न्यूज़: उत्तर प्रदेश के दादरी कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव रामगढ़ चमरावली में जमीन धोखाधड़ी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां भू-माफियाओं ने एक मृतक व्यक्ति के नाम पर फर्जी वसीयत तैयार कर करीब 32 बीघा जमीन अपने नाम करा ली और उसे बेच दिया। न्यायालय के कड़े रुख के बाद, अब पुलिस ने इस मामले में तीन महिलाओं समेत कुल नौ लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता संजू (निवासी रामगढ़ चमरावली) द्वारा न्यायालय में दी गई जानकारी के अनुसार, गांव के ही निवासी दौलत राम के नाम पर राजस्व अभिलेखों में लगभग 32 बीघा कृषि भूमि दर्ज थी। दौलत राम सरकारी कर्मचारी थे और उनकी मृत्यु 11 अगस्त 1984 को हो चुकी थी।
आरोप है कि दौलत राम की मृत्यु के बाद उनकी करोड़ों की संपत्ति पर भू-माफियाओं की नजर पड़ गई। आरोपियों ने साजिश रचते हुए 14 फरवरी 1985 की तारीख में एक जाली वसीयत तैयार की। यह वसीयत कानूनी रूप से इसलिए भी अवैध दिख रही है क्योंकि इसे दौलत राम की मृत्यु के करीब 6 महीने बाद की तारीख में निष्पादित दिखाया गया है।
इन लोगों पर दर्ज हुई रिपोर्ट
न्यायालय के आदेश पर कोतवाली दादरी पुलिस ने इस फर्जीवाड़े में शामिल कालू, कुलदीप, राणा, बाला और तीन महिलाओं सहित कुल नौ आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इन आरोपियों ने न केवल फर्जी कागजात तैयार किए, बल्कि खुद को जमीन का मालिक दर्शाते हुए राजस्व रिकॉर्ड (खतौनी) में भी हेरफेर कर नाम दर्ज करा लिया था।
कानूनी पेच और न्यायालय का हस्तक्षेप
बताया जा रहा है कि यह मामला लंबे समय से सिविल न्यायालय में भी विचाराधीन रहा है। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया कि प्रशासन और स्थानीय स्तर पर कार्रवाई न होने के कारण उन्हें कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। कोर्ट ने वसीयत की तारीख और व्यक्ति की मृत्यु की तारीख में अंतर को प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी मानते हुए पुलिस को तुरंत एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया।
पुलिस का बयान
कोतवाली दादरी पुलिस का कहना है कि: “माननीय न्यायालय के आदेश पर नौ नामजद आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। राजस्व विभाग के साथ मिलकर दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।”


