ग्रेटर नोएडा (यमुना सिटी) | भारतीय टॉक न्यूज़: ग्रेटर नोएडा के बिलासपुर क्षेत्र में बिना अनुमति के किए जा रहे एक मदरसे के निर्माण पर प्रशासनिक सख्ती देखने को मिली है। इस अवैध निर्माण की भनक न लगने और उच्च अधिकारियों को समय पर सूचना न देने के आरोप में कमिश्नरेट पुलिस ने बिलासपुर चौकी इंचार्ज और बीट सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
बिलासपुर कस्बे के ग्राम चूहड़पुर बांगर में पिछले कुछ समय से एक मदरसे का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा था। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यहाँ करीब 400 वर्ग गज जमीन पर बिना किसी सरकारी अनुमति या नक्शा पास कराए एक मंजिला भवन खड़ा कर दिया गया। हैरानी की बात यह है कि घनी आबादी के बीच चल रहे इस बड़े निर्माण कार्य की सूचना स्थानीय पुलिस तक नहीं पहुंची, जिसे आला अधिकारियों ने पुलिस की घोर लापरवाही माना है।
LIU की रिपोर्ट के बाद जागा प्रशासन
इस अवैध निर्माण का खुलासा लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (LIU) की एक गोपनीय रिपोर्ट के बाद हुआ। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया था कि बिना अनुमति के मदरसे का निर्माण किया जा रहा है। जैसे ही यह जानकारी उच्च अधिकारियों तक पहुंची, तुरंत निर्माण कार्य को रुकवा दिया गया। इसके बाद पुलिस विभाग में विभागीय कार्रवाई करते हुए बिलासपुर चौकी इंचार्ज अनूप दीक्षित और बीट सिपाही अनुज लांबा को निलंबित कर दिया गया है।
डीसीपी ग्रेटर नोएडा, प्रवीण रंजन ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा:
“बिलासपुर चौकी इंचार्ज अनूप दीक्षित और बीट सिपाही अनुज लांबा को उनकी लापरवाही के लिए निलंबित किया गया है। दोनों ने अवैध रूप से बनाए जा रहे मदरसे की जानकारी अपने अधिकारियों को नहीं दी। इलाके में हो रहे इस बड़े निर्माण की भनक तक उन्हें नहीं लगी, जो कि ड्यूटी में गंभीर चूक है।
इस निलंबन के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस का कहना है कि अवैध निर्माण को लेकर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आगे से ऐसी लापरवाही न हो।

