नोएडा/भारतीय टॉक न्यूज़ : साइबर अपराध के गढ़ बनते जा रहे नोएडा में पुलिस कमिश्नरेट ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। थाना फेस-1 पुलिस ने सेक्टर-10 में संचालित हो रहे एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह भोली-भाली जनता को उनकी बंद हो चुकी एलआईसी (LIC) और अन्य बीमा पॉलिसी की रकम वापस दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये ऐंठ चुका है।
ऐसे फंसाते थे शिकार को
पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान वरुण शर्मा (बदायूँ), मदन गुप्ता (मैनपुरी) और प्रदीप वर्मा (बिहार) के रूप में हुई है। पूछताछ में मुख्य आरोपी वरुण ने बताया कि वह महज 10 हजार रुपये खर्च कर 5 हजार लोगों का पर्सनल डाटा खरीदता था। इसके बाद कॉल सेंटर के कर्मचारी इन लोगों को कॉल कर पॉलिसी मैच्योर कराने या रियल एस्टेट में निवेश के नाम पर 10 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक अपने जाल में फंसाकर ट्रांसफर करवा लेते थे।
करोड़ों का ट्रांजेक्शन और सट्टे का खेल
पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस गिरोह ने अब तक करोड़ों की ठगी की है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गिरोह के 20 बैंक खातों को चिन्हित कर उनमें मौजूद 1 करोड़ 20 लाख रुपये फ्रीज करा दिए हैं। ठगों ने बताया कि वे ठगी की रकम का एक बड़ा हिस्सा ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी में लगा देते थे। गिरोह 20 प्रतिशत कमीशन पर किराए के बैंक खाते खरीदता था ताकि पुलिस की नजरों से बचा जा सके।
NCRB पोर्टल पर दर्ज हैं 20 से अधिक शिकायतें
इस गिरोह की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देश के विभिन्न राज्यों में इनके खिलाफ NCRP पोर्टल पर 20 से अधिक शिकायतें पहले से ही दर्ज हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और डाटा शीट बरामद की है।
| प्रमुख बिंदु (Key Highlights) | पुलिस कार्रवाई का विवरण |
|---|---|
| गिरफ्तार साइबर अपराधी | 1. वरुण शर्मा (बदायूँ), 2. मदन गुप्ता (मैनपुरी), 3. प्रदीप वर्मा (बिहार) |
| बरामद उपकरण | 01 लैपटॉप, 16 मोबाइल फोन, 03 PNT फोन और 15 कॉलिंग डाटा शीट |
| ठगी की फ्रीज राशि | ₹1,20,00,000 (1 करोड़ 20 लाख रुपये) |
| ठगी का तरीका | लैप्स LIC/बीमा पॉलिसी के पैसे वापस दिलाने व रियल एस्टेट में निवेश का झांसा |
| सट्टा कनेक्शन | ठगी के पैसों का उपयोग ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी (Betting) में किया जाता था |
| पंजीकृत मुकदमा | मु0अ0सं0 44/2026 (थाना फेस-1 नोएडा), धारा-318(4) BNS व 66(D) IT एक्ट |
स्रोत: मीडिया सेल, पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर
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