ग्रेटर नोएडा: विकास भवन में घूसखोरी और मारपीट का हंगामा, लेखाकार पर वेतन के बदले रिश्वत मांगने का आरोप; सीडीओ ने बिठाई जांच

ग्रेटर नोएडा विकास भवन के पंचायती राज विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से रिश्वत मांगने और मारपीट का मामला। लेखाकार पर आरोप, CDO ने गठित की 3 सदस्यीय जांच कमेटी।

Partap Singh Nagar
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ग्रेटर नोएडा: विकास भवन में घूसखोरी और मारपीट का हंगामा, लेखाकार पर वेतन के बदले रिश्वत मांगने का आरोप; सीडीओ ने बिठाई जांच

गौतमबुद्धनगर | भारतीय टॉक न्यूज़ : ग्रेटर नोएडा के विकास भवन स्थित पंचायती राज विभाग में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने विभाग के लेखाकार (Accountant) पर गंभीर आरोप लगाते हुए मारपीट और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई। मामला रिश्वतखोरी और दबंगई से जुड़ा होने के कारण जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी (CDO) ने तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन कर दिया है।

वेतन के बदले 30 हजार की डिमांड और कार्यालय में मारपीट

पंचायती राज विभाग में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी विशनपाल का आरोप है कि पिछले तीन महीने से उनका वेतन रुका हुआ था। जब उन्होंने इस संबंध में लेखाकार मनोज कुमार गौतम से संपर्क किया, तो आरोप है कि लेखाकार ने वेतन जारी करने के एवज में 30 हजार रुपये की मांग की। पीड़ित के अनुसार, दबाव में आकर उसने 10 हजार रुपये दे दिए थे, लेकिन इसके बावजूद लेखाकार ने बिल फाड़कर फेंक दिए और वेतन निकालने से इनकार कर दिया।

हंगामा तब और बढ़ गया जब कर्मचारी ने इसकी शिकायत जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) अजय कुमार यादव से की। आरोप है कि शिकायत के दौरान ही लेखाकार वहां पहुंच गया और अधिकारी के सामने ही पीड़ित कर्मचारी के साथ मारपीट शुरू कर दी। विभाग के अन्य कर्मियों का भी कहना है कि उक्त लेखाकार पर पहले भी भ्रष्टाचार के कई आरोप लग चुके हैं।

जान का खतरा बताकर लेखाकार ने मांगी एक साल की छुट्टी

हैरानी की बात यह है कि घटना के बाद आरोपी लेखाकार मनोज कुमार गौतम ने खुद को पीड़ित बताते हुए पल्ला झाड़ लिया है। उसने डीपीआरओ को पत्र लिखकर दावा किया है कि उसे विशनपाल और अन्य कर्मचारियों से जान का खतरा है।

🔸 अनोखी मांग: लेखाकार ने साक्ष्यों को निराधार बताते हुए एक साल का आकस्मिक अवकाश मांगा है और फिलहाल कार्यालय से नदारद है।

🔸 CCTV का हवाला: लेखाकार का तर्क है कि विकास भवन में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जाए, उसे एक सोची-समझी रणनीति के तहत फंसाया जा रहा है।

तीन सदस्यीय टीम करेगी मामले की पड़ताल

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य विकास अधिकारी (CDO) शिवाकांत द्विवेदी ने त्वरित कार्रवाई की है। उन्होंने जांच के लिए एक कमेटी गठित की है जिसमें निम्नलिखित अधिकारी शामिल हैं:

🔸मुख्य पशु चिकित्साधिकारी

🔸जिला समाज कल्याण अधिकारी

🔸  जिला कृषि अधिकारी

“मामला संज्ञान में आने के बाद तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। पूरी घटना की गहनता से जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।” – शिवाकांत द्विवेदी, मुख्य विकास अधिकारी, गौतमबुद्धनगर

 

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