नोएडा (गौतमबुद्धनगर) |भारतीय टॉक न्यूज़: नोएडा में हाल ही में हुई हिंसक घटनाओं और उपद्रव को पुलिस कमिश्नरेट ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। इस मामले की निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है। यह टीम अब इस पूरे घटनाक्रम की परत-दर-परत जांच करेगी।
🔸घटना के दौरान 83 जगहों पर हुआ था प्रदर्शन
🔸प्रदर्शन में 42,000 से ज्यादा लोग हुए थे शामिल
🔸13 FIR दर्ज, 62 के करीब आरोपी हुए गिरफ्तार
🔸2000 से ज्यादा अज्ञात लोगों की पुलिस को तलाश
🔸हिंसा में बाहरी तत्वों की भूमिका का शक
🔸6 स्पेशल टीम दे रहीं दबिश, जल्द और गिरफ्तारियां संभव
एडीसीपी के नेतृत्व में तैयार हुई टीम
मिली जानकारी के अनुसार, इस विशेष जांच दल (SIT) की कमान एक एडीसीपी (ADCP) स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है। टीम में 10 से अधिक अनुभवी पुलिसकर्मियों और जांच अधिकारियों को शामिल किया गया है, जिन्हें अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं। यह टीम मुख्य रूप से उपद्रव के पीछे की साजिश, मुख्य सूत्रधारों और इसमें शामिल लोगों की पहचान करने पर केंद्रित रहेगी।
डिजिटल साक्ष्यों और गूगल से मदद की तैयारी
इस जांच की सबसे महत्वपूर्ण बात इसकी तकनीकी प्रक्रिया है। पुलिस केवल मौके पर मिले सबूतों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि डिजिटल साक्ष्यों (Digital Evidence) को भी बारीकी से खंगाला जाएगा।
गूगल से मांगी गई जानकारी: पुलिस ने उपद्रव के दौरान की गतिविधियों का पता लगाने के लिए गूगल से तकनीकी जानकारी मांगी है।
पहचान में होगी आसानी: सोशल मीडिया और इंटरनेट के माध्यम से फैली अफवाहों या हिंसा के लिए उकसाने वाली गतिविधियों का पता लगाने के लिए इस डेटा का विश्लेषण किया जाएगा।
एसआईटी की यह टीम अपनी जांच पूरी करने के बाद विस्तृत रिपोर्ट सीधे पुलिस कमिश्नर (CP) को सौंपेगी। पुलिस प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। डिजिटल साक्ष्यों के माध्यम से उन चेहरों को भी बेनकाब किया जाएगा जो भीड़ में छिपकर उपद्रव फैला रहे थे।

