ग्रेटर नोएडा | भारतीय टॉक न्यूज़ : ग्रेटर नोएडा सत्र न्यायालय ने एक बेहद गंभीर हत्याकांड में सुनवाई करते हुए आरोपी भारत भाटी की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है। यह मामला एक दोस्त की हत्या कर उसके शव को नहर में फेंकने से जुड़ा है। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि मामले की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए, प्रथम दृष्टया आरोपी की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता।
क्या था पूरा मामला?
घटना की शुरुआत 29 नवंबर की शाम हुई थी, जब पीड़ित मनीष अपने दोस्त भारत भाटी के साथ कार में सवार होकर घर से निकला था। लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। वादी (पिता) नारायण सिंह ने दनकौर थाने में इस संबंध में 6 दिसंबर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस जांच में यह सामने आया कि मनीष का मोबाइल विलासपुर रोड के पास और उसका शव आजमपुरगढ़ी के समीप नहर से बरामद हुआ था। पिता ने शुरू से ही भारत भाटी और उसके सहयोगियों पर हत्या कर शव को ठिकाने लगाने का आरोप लगाया था।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अदालत में तर्क दिया कि घटना के समय आरोपी भारत भाटी अत्यधिक नशे की हालत में था और गाड़ी के अंदर सो रहा था। वकील ने यह दलील भी दी कि सह-आरोपी बॉबी भाटी ने पहले ही स्वीकार कर लिया है कि उसने गुस्से में आकर मनीष का गला दबाया था, जिससे उसकी मौत हुई।
हालांकि, अभियोजन पक्ष ने साक्ष्यों और परिस्थितियों का हवाला देते हुए जमानत का कड़ा विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद सत्र न्यायालय ने आरोपी की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है। कोर्ट का मानना है कि इस चरण पर आरोपी की भूमिका को पूरी तरह से नकारना संभव नहीं है।

