गाजियाबाद का ओमकार किडनैपिंग केस: 80 घंटे बाद भी सुराग नहीं, नदी-नालों में SDRF का सर्च ऑपरेशन; मुख्य 5 शूटरों पर ₹50-50 हजार का इनाम, अब तक 12 गिरफ्तार

गाजियाबाद के लोनी में ओमकार को गोली मारकर अगवा करने के मामले में 12 गिरफ्तार। फरार 5 मुख्य आरोपियों पर 50-50 हजार का इनाम। नहरों में SDRF का सर्च ऑपरेशन जारी।

Partap Singh Nagar
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गाजियाबाद का ओमकार किडनैपिंग केस: 80 घंटे बाद भी सुराग नहीं, नदी-नालों में SDRF का सर्च ऑपरेशन; मुख्य 5 शूटरों पर ₹50-50 हजार का इनाम, अब तक 12 गिरफ्तार

 

गाजियाबाद/लोनी | भारतीय टॉक न्यूज़:  गाजियाबाद के लोनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गनौली गांव में सनसनीखेज तरीके से बीच सड़क पर गोलियां बरसाकर युवक ओमकार के अपहरण (किडनैपिंग) मामले में पुलिस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। वारदात के 80 घंटे से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी पीड़ित ओमकार का कोई सुराग नहीं मिल सका है, जिससे नाराज ग्रामीणों ने सड़कों पर उतरकर चक्काजाम भी किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद ने फरार चल रहे 5 मुख्य आरोपियों पर ₹50-50 हजार का इनाम घोषित कर दिया है।

दूसरी तरफ, पुलिस ने इस खौफनाक साजिश में शामिल रहने और हत्यारों को पनाह देने के आरोप में दो महिलाओं सहित 7 और आरोपियों को दबोच लिया है। इस बड़ी कार्रवाई के साथ ही इस हाईप्रोफाइल मामले में अब तक कुल 12 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

गाजियाबाद का ओमकार किडनैपिंग केस: 80 घंटे बाद भी सुराग नहीं, नदी-नालों में SDRF का सर्च ऑपरेशन; मुख्य 5 शूटरों पर ₹50-50 हजार का इनाम, अब तक 12 गिरफ्तार

क्या है पूरा मामला: बीच सड़क पर गोलियां मारकर उठाया

यह खौफनाक वारदात 30 मई 2026 को सामने आई थी। गनौली गांव निवासी सुरेंद्र ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि ग्राम खडखड़ी के अंडरपास के पास घात लगाए बैठे बदमाशों ने गनौली गांव के रहने वाले ओमकार पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोलियां लगने से लहूलुहान होकर जब ओमकार सड़क पर गिर पड़ा, तो बदमाश उसे जबरन अपनी गाड़ी में डालकर (अगवा कर) रफूचक्कर हो गए। पुलिस जांच में यह साफ हुआ है कि इस वारदात के पीछे पुरानी रंजिश और आपसी विवाद मुख्य कारण था, जिसके चलते आरोपियों ने पूरी प्लानिंग के साथ हत्या के प्रयास और किडनैपिंग की इस घटना को अंजाम दिया।

नदी-नालों में SDRF का सर्च ऑपरेशन, 10 टीमें दे रहीं दबिश

ग्रामीण जोन के पुलिस उपायुक्त (DCP) सुरेन्द्रनाथ तिवारी ने बताया कि ओमकार की सुरक्षित बरामदगी और आरोपियों की धरपकड़ के लिए ग्रामीण स्वाट (SWAT) और मुख्यालय की स्वाट टीम समेत कुल 10 विशेष टीमों का गठन किया गया है। पुलिस टीमें लगातार सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और सर्विलांस की मदद से सुराग तलाश रही हैं। इसके अलावा, अनहोनी की आशंका को देखते हुए इलाके के आसपास की नहरों, नदी और बड़े नालों में सर्च अभियान चलाया जा रहा है। रविवार को इस सर्च ऑपरेशन में एसडीआरएफ (SDRF) की टीम को भी उतारा गया है, जो पानी के भीतर ओमकार की तलाश में जुटी है।

शरण देने वाले 7 और मददगार गिरफ्तार, गिरोह में महिलाएं भी शामिल

पुलिस के अनुसार, मुख्य कातिलों और शूटरों को छिपने के ठिकाने मुहैया कराने, पैसे से मदद करने और पुलिस को गुमराह करने की साजिश रचने के आरोप में 7 और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें 4 पुरुष और 3 महिलाएं शामिल हैं। इससे पहले भी पुलिस 5 मददगारों को जेल भेज चुकी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वारदात के बाद जो भी अपराधियों को पनाह देगा, उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इन 5 मुख्य फरार आरोपियों पर ₹50-50 हजार का इनाम घोषित:

पुलिस ने वारदात को अंजाम देने वाले जिन 5 मुख्य फरार आरोपियों पर इनाम घोषित किया है, उनके नाम और पते निम्नलिखित हैं:

1. गौरव नागर पुत्र गजराज, निवासी: बादलपुर, जनपद: गौतमबुद्धनगर (उम्र- करीब 28 वर्ष)

2. गोपाल पुत्र रमेश, निवासी: ग्राम गनौली, थाना: लोनी, गाजियाबाद (उम्र- करीब 26 वर्ष)

3. सौरभ उर्फ भोला पुत्र विजेन्द्र, निवासी: ग्राम गनौली, थाना: लोनी, गाजियाबाद (उम्र- करीब 25 वर्ष)

4. गौरव पुत्र विजेन्द्र, निवासी: ग्राम गनौली, थाना: लोनी, गाजियाबाद (उम्र- करीब 28 वर्ष)

5. मोहित पुत्र मुकुट पंडित, निवासी: ग्राम गनौली, थाना: लोनी, गाजियाबाद (उम्र- करीब 20 वर्ष)

 

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