ग्रेटर नोएडा (गौतमबुद्धनगर)/ भारतीय टॉक न्यूज़ : गौतमबुद्धनगर की नवागत जिलाधिकारी (DM) मेधा रूपम ने भ्रष्टाचार और सरकारी जमीन के फर्जीवाड़े पर कड़ा रुख अपनाया है। डीएम ने सदर तहसील में तैनात महिला लेखपाल नीरज लता को पद के दुरुपयोग और फर्जीवाड़ा करने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। लेखपाल पर आरोप है कि उसने बंजरपुर गांव में करीब 3 करोड़ रुपये मूल्य की 450 वर्ग मीटर सरकारी जमीन की घरोनी अपने पति के नाम दर्ज करा दी थी।
फर्जीवाड़े का ऐसे हुआ पर्दाफाश
मामला बंजरपुर गांव का है, जहां की 450 वर्ग मीटर सरकारी जमीन की घरोनी नियम-कायदों को ताक पर रखकर लेखपाल ने अपने पति के नाम तैयार करवाई और उसे सरकारी अभिलेखों में दर्ज करा दिया। जब स्थानीय ग्रामीणों को इस गड़बड़ी की भनक लगी, तो उन्होंने इसकी शिकायत सीधे जिला प्रशासन से की।
शिकायत मिलते ही डीएम मेधा रूपम ने मामले की जांच एसडीएम (सदर) को सौंपी। एसडीएम सदर आशुतोष द्वारा की गई प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद जिलाधिकारी ने सख्त कदम उठाते हुए लेखपाल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया।
राजस्व विभाग में मचा हड़कंप
सस्पेंड हुई महिला लेखपाल नीरज लता पिछले करीब 6 वर्षों से गौतमबुद्धनगर जिले की सदर तहसील में तैनात थी। इतने लंबे समय से एक ही जिले में पकड़ होने के बावजूद डीएम की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई से तहसील प्रशासन और राजस्व विभाग के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।
एसडीएम सदर आशुतोष ने बताया कि मामला उजागर होने के बाद महिला लेखपाल के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। जांच में अगर किसी अन्य कर्मचारी या अधिकारी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

