भारतीय टॉक न्यूज़ (लीगल डेस्क) / ग्रेटर नोएडा / नोएडा: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के अनुपालन में शनिवार को जनपद गौतम बुद्ध नगर के न्यायालयों व तहसील स्तर पर ‘राष्ट्रीय लोक अदालत’ का सफल आयोजन किया गया। जनपद न्यायाधीश अतुल श्रीवास्तव की अध्यक्षता और कुशल दिशा-निर्देशन में आयोजित इस लोक अदालत ने मुकदमों के निस्तारण में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। जिले भर में विभिन्न विभागों और न्यायालयों द्वारा कुल 10,08,279 (10 लाख 8 हजार 279) मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण कर आमजन को वर्षों पुराने मुकदमों के चक्कर से मुक्ति दिलाई गई।
कार्यक्रम की शुरुआत जनपद न्यायालय के सभागार में जिला जज अतुल श्रीवास्तव द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई थी, जिसमें समस्त न्यायिक अधिकारियों सहित दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
अदालतों में निपटे 76,954 मामले, 16 करोड़ रुपये से अधिक की समझौता राशि
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रभारी सचिव व एसीजेएम विरेक अग्रवाल द्वारा जारी विवरण के अनुसार, जनपद न्यायालय में कार्यरत न्यायिक अधिकारियों ने त्वरित सुनवाई करते हुए कुल 76,954 मामलों का निपटारा किया।
🔸 समझौता और जुर्माना राशि: न्यायिक प्रक्रियाओं के तहत अदालतों द्वारा कुल 16,06,44,918 (16 करोड़ से अधिक) रुपये की समझौता राशि तय कराई गई।
प्रमुख न्यायालय निस्तारण:
🔸 मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (MACT) के पीठासीन अधिकारी वत्सल श्रीवास्तव ने 43 मामलों का निस्तारण कर 4.40 करोड़ रुपये का मुआवजा तय कराया।
🔸 पोक्सो कोर्ट-द्वितीय के न्यायाधीश कुमार गौरव ने 580 मामलों का निपटारा कर 1.15 करोड़ से अधिक का जुर्माना वसूला।
🔸एनआई एक्ट विशेष न्यायाधीश सुरेश चंद ने 30 मामलों में 1.24 करोड़ रुपये का समझौता कराया।
🔸 मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हरिकेश पांडेय ने 3,360 मामलों का निस्तारण किया।
🔸 जिला जज अतुल श्रीवास्तव ने स्वयं 04 महत्वपूर्ण मुकदमों का निस्तारण कराया।
यातायात, पुलिस और बैंकों की प्री-लिटिगेशन में मिली बड़ी राहत
राष्ट्रीय लोक अदालत में अदालती मुकदमों के अलावा प्रशासनिक विभागों और प्री-लिटिगेशन स्तर पर दर्ज मामलों का भी बड़े पैमाने पर निस्तारण किया गया:
🔸 ट्रैफिक एवं पुलिस विभाग: यातायात विभाग द्वारा ई-चालान व ट्रैफिक नियमों से जुड़े 4,00,263 मामलों और पुलिस विभाग द्वारा 32,089 मामलों का निपटारा किया गया।
🔸 प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग: जिलाधिकारी के मातहत विभागों ने 4.76 लाख से अधिक मामले निपटाए, जबकि चिकित्सा विभाग ने 1.00 लाख से अधिक शिकायतों का समाधान किया।
🔸 बिजली, श्रम व बैंक वसूली: यूपीपीसीएल (UPPCL) के 5,931 मामले, श्रम न्यायालय के 1,102 मामले (4.19 करोड़ धनराशि), एनपीसीएल के 35 मामले और बैंकों द्वारा 245 मामलों का निस्तारण करते हुए करीब 3.61 करोड़ रुपये की वसूली की गई।
🔸नोएडा अथॉरिटी: नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा लोक अदालत के माध्यम से 5,160 मामलों का समाधान किया गया।
जिला जज अतुल श्रीवास्तव ने सभी न्यायिक अधिकारियों, वकीलों और प्रशासनिक अमले की सराहना करते हुए कहा कि लोक अदालत सुलह-समझौते के आधार पर न्याय पाने का सबसे सुलभ और सस्ता माध्यम है, जिससे पक्षों के बीच आपसी कटुता भी खत्म होती है।

