ग्रेटर नोएडा (गौतमबुद्धनगर)/ भारतीय टॉक न्यूज़: सूरजपुर थाना पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और बीट पुलिसिंग की मदद से एक ऐसे फर्जी वकील को गिरफ्तार किया है, जो खुद को एडवोकेट बताकर बेकसूर लोगों को ठग रहा था। आरोपी कोर्ट परिसर के बाहर ही अड्डा जमाकर लोगों को जमानत दिलाने और मुकदमे लड़ने का झांसा देता था और फर्जी नोटरी मोहरों के जरिए कूटरचित (फर्जी) दस्तावेज तैयार कर अवैध कमाई कर रहा था।
कोर्ट के गेट नंबर-2 से दबोचा गया फर्जी वकील
सूरजपुर थाना पुलिस के अनुसार, 3 अगस्त 2026 को मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने सूरजपुर कोर्ट परिसर के गेट नंबर-2 के पास घेराबंदी की। यहाँ से पुलिस ने आरोपी वीर सिंह सिसौदिया को धर दबोचा। तलाशी लेने पर उसके पास से फर्जी नोटरी की मोहरें और अदालत से जुड़े फर्जी कागजात बरामद हुए। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वह काफी समय से सूरजपुर कोर्ट में खुद को असली वकील के रूप में पेश कर रहा था।
अदालत में आने वाले सीधे-साधे फरियादियों को वह अपनी बातों में फंसाता था। जमानत कराने और केस लड़ने के नाम पर वह उनसे मोटी रकम वसूलता था। किसी को शक न हो, इसके लिए वह खुद ही फर्जी वकील की नोटरी मोहर लगाकर कूटरचित (Fake) दस्तावेज तैयार कर देता था।
आरोपी का आपराधिक इतिहास और पहचान
पकड़े गए अभियुक्त की पहचान वीर सिंह सिसौदिया पुत्र ओमवीर सिंह (निवासी: ग्राम ऊंचा अमीपुर, थाना जारचा, गौतमबुद्धनगर — उम्र लगभग 40 वर्ष) के रूप में हुई है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी का पहले से भी आपराधिक इतिहास रहा है:
🔸 मु0अ0सं0 192/2017: धारा 435/506 IPC (थाना जारचा, गौतमबुद्धनगर)
🔸 मु0अ0सं0 425/2026: धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) BNS (थाना सूरजपुर, गौतमबुद्धनगर)
पुलिस को हुई बरामदगी:
🔸 05 प्रपत्र: कोर्ट फाइल से संबंधित कूटरचित/फर्जी कागजात
🔸 03 मोहरें: अधिवक्ता और नोटरी की कूटरचित फर्जी मोहरें
सूरजपुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि आरोपी ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और क्या इस फर्जीवाड़े में उसका कोई अन्य साथी भी शामिल था।

