लखनऊ / ग्रेटर नोएडा/ भारतीय टॉक न्यूज़: उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर और एक्सप्रेसवे नेटवर्क को रफ्तार देने की दिशा में योगी सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए 74.47 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण को हरी झंडी दे दी गई है।
यह नया लिंक एक्सप्रेसवे शुरुआती दौर में 6-लेन का बनाया जाएगा, जिसे भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 8-लेन तक चौड़ा (विस्तारित) करने का प्रावधान रखा गया है। परियोजना की शुरुआत के लिए अनुपूरक बजट में 250 करोड़ रुपये का प्रारंभिक प्रावधान किया गया है, जबकि वर्ष 2026-27 के लिए 100 करोड़ रुपये की राशि प्रस्तावित की गई है।
न्यू नोएडा को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा: 20 किमी हिस्सा यहीं से गुजरेगा
इस महत्वाकांक्षी परियोजना का सबसे अधिक लाभ न्यू नोएडा (दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र – DNGIR) को मिलने वाला है। 74.47 किमी लंबे इस लिंक एक्सप्रेसवे का लगभग 20 किलोमीटर हिस्सा न्यू नोएडा क्षेत्र से होकर गुजरेगा।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश सरकार लगभग 209 वर्ग किलोमीटर (20,900 हेक्टेयर) क्षेत्र में न्यू नोएडा को विकसित कर रही है, जिसके लिए ग्रेटर नोएडा और बुलंदशहर के करीब 80 गांवों की जमीन ली जा रही है। इस एक्सप्रेसवे के बनने से न्यू नोएडा सीधे जेवर एयरपोर्ट और 594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेसवे से कनेक्ट हो जाएगा।
Master Plan 2041: न्यू नोएडा का विकास चरणबद्ध तरीके से होगा:
🔸पहला चरण (2023 – 2027): लगभग 3,165 हेक्टेयर क्षेत्र में विकास।
🔸 दूसरा चरण (2027 – 2032): लगभग 3,798 हेक्टेयर क्षेत्र में विस्तार।
🔸 तीसरा चरण (2032 – 2037): करीब 5,908 हेक्टेयर भूमि पर निर्माण कार्य।
🔸 चौथा चरण (2037 – 2041): लगभग 8,230 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित किया जाएगा।
इन क्षेत्रों, उद्योगों और लोगों की चमकेगी किस्मत
जेवर एयरपोर्ट और गंगा एक्सप्रेसवे का सीधा जुड़ाव दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल के बीच की दूरी और सफर के समय को काफी घटा देगा।
🔸 पश्चिमी एवं मध्य UP को फायदा: मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव और प्रयागराज जैसे जिलों से जेवर एयरपोर्ट का सफर बेहद आसान हो जाएगा।
🔸 निवेश और लॉजिस्टिक्स को बूस्ट: इस लिंक एक्सप्रेसवे से लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, ई-कॉमर्स, सेमीकंडक्टर हब, डीप-टेक इंडस्ट्रीज और रियल एस्टेट सेक्टर में भारी निवेश की उम्मीद है।
🔸 स्थानीय रोजगार: बुलंदशहर, दादरी, गौतमबुद्धनगर और आसपास के करीब 80 गांवों के निवासियों को रोजगार और व्यापार के नए अवसर मिलेंगे।
क्या कहते हैं जिम्मेदार अधिकारी?
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी (भू-राजस्व) क्रांति शेखर सिंह के अनुसार: “गंगा और यमुना एक्सप्रेसवे के बीच यह नया लिंक तैयार होने से जेवर एयरपोर्ट तक सीधी और बेहद तेज कनेक्टिविटी मिलेगी। इस लिंक एक्सप्रेसवे का लगभग 20 किलोमीटर हिस्सा न्यू नोएडा से गुजर रहा है, जहाँ पर एक रोटरी इंटरचेंज (Rotary Interchange) विकसित करने की योजना है। इससे न्यू नोएडा के औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों को एक्सप्रेसवे पर चढ़ने-उतरने की सीधी सुविधा मिलेगी।”
एक नजर में: परियोजना की प्रमुख विशेषताएं
🔸 कुल लंबाई: 74.47 किलोमीटर (ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट)
🔸लेन की संख्या: प्रारंभ में 6-लेन, भविष्य में 8-लेन तक विस्तार योग्य।
🔸 कनेक्टिविटी: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से 594 किमी लंबा गंगा एक्सप्रेसवे।
🔸 बजट प्रावधान: अनुपूरक बजट में शुरुआती 250 करोड़ रुपये का आवंटन।
🔸 विशेष इंफ्रास्ट्रक्चर: न्यू नोएडा क्षेत्र में बनेगा रोटरी इंटरचेंज।

