भारतीय टॉक न्यूज़ (विशेष रिपोर्ट) / गौतमबुद्धनगर: उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर दादरी तहसील परिसर में लेखपालों ने शासन और विजिलेंस विभाग की कार्यशैली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। संघ के बैनर तले एकजुट हुए लेखपालों ने प्रदेश में भ्रष्टाचार निवारण संगठन (ACO), एंटी करप्शन और विजिलेंस टीमों द्वारा की जा रही कथित ‘गलत, फर्जी और दुर्भावनापूर्ण’ ट्रैप कार्रवाइयों के विरोध में ‘एकदिवसीय कलम बंद हड़ताल’ की। इस दौरान तहसील का कामकाज पूरी तरह ठप रहा और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से अपने राजस्व संबंधी कार्यों के लिए आए आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
अयोध्या की सोहावल तहसील की घटना से फैला आक्रोश
लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि बीते 20 अगस्त 2026 को जनपद अयोध्या की तहसील सोहावल में तैनात लेखपाल उत्कर्ष दीप के खिलाफ हुई एकतरफा और संदिग्ध कार्रवाई ने पूरे लेखपाल संवर्ग को आहत और आक्रोशित किया है। संघ का कहना है कि जमीनी पैमाइश, अतिक्रमण हटाने या विवादित मामलों में असंतुष्ट पक्ष, भू-माफिया अथवा दलाल रंजिशवश कर्मचारियों को फर्जी शिकायतों के जरिए षड्यंत्रपूर्वक फंसाते हैं। इसके बावजूद जांच एजेंसियां बिना किसी पृष्ठभूमि पड़ताल और पुख्ता साक्ष्यों के तुरंत ट्रैप की कार्रवाई कर देती हैं, जिससे ईमानदारी से काम करने वाले कर्मचारियों के बीच भय और मानसिक प्रताड़ना का माहौल बन गया है।
एसडीएम के जरिए मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन, पारदर्शी SOP की मांग
उप शाखा तहसील दादरी के अध्यक्ष नीरज भाटी और सचिव/मंत्री प्रत्युष राही पाठक के नेतृत्व में दर्जनों लेखपालों ने उपजिलाधिकारी (SDM) के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम ज्ञापन प्रेषित किया।
लेखपाल संघ ने शासन के समक्ष मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
🔸 अयोध्या प्रकरण की निष्पक्ष जांच: सोहावल तहसील के लेखपाल उत्कर्ष दीप मामले की पुलिस विभाग से अलग किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी या एसआईटी (SIT) से उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और वायरल वीडियो व सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा कर निर्दोष को राहत दी जाए।
🔸 फर्जी ट्रैप पर रोक: भविष्य में किसी भी लेखपाल के खिलाफ ट्रैप कार्रवाई से पहले शिकायतकर्ता की पृष्ठभूमि, रंजिश और शिकायत के उद्देश्य की अनिवार्य रूप से निष्पक्ष पड़ताल की जाए।
🔸पारदर्शी एसओपी (SOP) लागू हो: विजिलेंस और एंटी करप्शन टीम के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए जाएं। साथ ही, झूठी शिकायत कर कर्मचारियों को फंसाने वाले दलालों और दुर्भावनापूर्ण काम करने वाले अधिकारियों पर भी एफआईआर दर्ज की जाए।
मांगें न पूरी होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
लेखपालों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें भयमुक्त और सम्मानजनक कार्य वातावरण नहीं मिला और फर्जी कार्रवाइयों पर अंकुश न लगा, तो यह आंदोलन चरणबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश में और उग्र रूप धारण करेगा।

