Noida News /भारतीय टॉक न्यूज़: हथिनी कुंड बैराज से सवा तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है, जिससे दिल्ली-एनसीआर के डूब क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं . लगातार हो रही बारिश से स्थिति और गंभीर हो गई है . गौतम बुद्ध नगर जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दिनभर रेस्क्यू अभियान चलाया और लगभग 200 प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।

प्रशासन की टीम अलर्ट, डीएम ने लिया जायजा
यमुना में जलस्तर बढ़ने का असर तिलवाड़ा, मोतीपुर, मोमनाथल और सेक्टर-150 समेत कई गांवों के डूब क्षेत्रों में दिखने लगा है. इसे देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है. जिलाधिकारी मेधा रूपम ने स्वयं प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर बाढ़ पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया. प्रशासन की टीमें लगातार सर्वे कर यह सुनिश्चित कर रही हैं कि कोई भी परिवार बाढ़ में फंसा न रह जाए।
राहत शिविरों में पहुंचाए गए परिवार

बाढ़ से प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर बने राहत शिविरों में स्थानांतरित कर दिया गया है . प्रशासन ने इन सभी परिवारों के लिए तत्काल भोजन की व्यवस्था की है और जल्द ही एक सामुदायिक किचन शुरू करने की भी योजना है. लोगों के कीमती सामान और मवेशियों को भी सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है. हालांकि, कुछ परिवारों ने नदी के पास बने पुश्तों पर ही अपना अस्थायी ठिकाना बना लिया है।

दिल्ली में भी यमुना का जलस्तर खतरे के निशान 205.33 मीटर से ऊपर बह रहा है, जिसके चलते पुराने रेलवे पुल पर यातायात रोक दिया गया है . हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण प्रशासन ने अगले 24 घंटों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है।

