भारतीय टॉक न्यूज़ (Greater Noida Desk): ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अधिसूचित क्षेत्रों में अवैध निर्माण और बिना इजाजत प्लॉटिंग करने वाले कालोनाइजरों के खिलाफ अपना कड़ा रुख बरकरार रखा है। मंगलवार (27 अक्तूबर 2026) को प्राधिकरण की टीम ने ग्राम भनौता में एक बड़ा ध्वस्तीकरण (Anti-Encroachment) अभियान चलाया। इस कार्रवाई के तहत करीब 20 हजार वर्ग मीटर बेशकीमती जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 40 करोड़ रुपये आंकी गई है।

2 घंटे तक चला अभियान, अवैध निर्माण जमींदोज
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के सख्त निर्देशों के बाद भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारकों पर लगातार कार्रवाई जारी है।
प्राधिकरण के उप महाप्रबंधक विजय रावल ने बताया कि ग्राम भनौता के खसरा संख्या 371 और 372 की अधिसूचित भूमि पर कुछ कालोनाइजर बाउंड्री वॉल बनाकर अवैध कॉलोनी बसाने की फिराक में थे। सूचना मिलते ही प्राधिकरण के परियोजना विभाग के वर्क सर्किल-2 के अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। दोपहर 2 बजे शुरू हुई यह कार्रवाई करीब दो घंटे तक चली, जिसमें बुलडोजर चलाकर पूरे अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया।
अवैध विला और प्लॉटिंग पर सीलिंग की कार्रवाई
ध्वस्तीकरण के साथ-साथ भनौता गांव के ही अधिसूचित क्षेत्र में बिना प्राधिकरण की अनुमति के बनाए जा रहे अवैध विला (Villas) और की जा रही प्लॉटिंग पर भी रोक लगा दी गई है। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर निर्माण कार्य को रुकवाते हुए सीलिंग की सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया।
एसीईओ सुमित यादव की अपील: अवैध कॉलोनियों में न फंसाएं गाढ़ी कमाई
कार्रवाई के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने दो टूक कहा कि प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति को अवैध निर्माण या बिना अनुमति प्लॉटिंग करने की इजाजत बिल्कुल नहीं दी जाएगी।
उन्होंने आम जनता से अपील करते हुए कहा:”ग्रेटर नोएडा में किसी भी जगह जमीन या प्लॉट खरीदने से पहले खरीदार प्राधिकरण कार्यालय से संपर्क कर जमीन की पूरी कानूनी और प्रामाणिक स्थिति की जानकारी जरूर प्राप्त कर लें। किसी भी धोखेबाज कालोनाइजर के झांसे में आकर अवैध कॉलोनियों में अपनी गाढ़ी कमाई न फंसाएं।”

