ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का कड़ा एक्शन: वैदपुरा और खोदना कलां में अवैध निर्माण पर चला ‘हंटर’, कई बहुमंजिला इमारतें सील

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने वैदपुरा और खोदना कलां में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कई इमारतों को सील किया। खरीदारों को सावधान रहने की अपील।

Partap Singh Nagar
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ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का कड़ा एक्शन: वैदपुरा और खोदना कलां में अवैध निर्माण पर चला 'हंटर', कई बहुमंजिला इमारतें सील

 

ग्रेटर नोएडा |भारतीय टॉक न्यूज़:  ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अधिसूचित क्षेत्र में पनप रहे अवैध निर्माणों के खिलाफ एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार को प्राधिकरण की टीम ने पुलिस बल के साथ मिलकर ग्राम वैदपुरा और ग्राम खोदना कलां में बिना अनुमति के बन रही अवैध इमारतों पर तालाबंदी कर दी। इस कार्रवाई के बाद अवैध निर्माण करने वाले भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया है।

प्राधिकरण का ‘ज़ीरो टॉलरेंस’

प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के सख्त निर्देशों के बाद, एसीईओ सुमित यादव की निगरानी में वर्क सर्किल-2 की टीम ने यह अभियान चलाया। महाप्रबंधक (परियोजना) एके सिंह ने जानकारी दी कि क्षेत्र में अवैध रूप से बहुमंजिला इमारतों का निर्माण किया जा रहा था, जिसकी शिकायत मिलने के बाद प्राधिकरण ने तत्काल प्रभाव से इन्हें सील करने का निर्णय लिया।

प्राधिकरण की टीम ने दो प्रमुख गांवों में चिन्हित जगहों पर सीलिंग की कार्रवाई को अंजाम दिया:

ग्राम वैदपुरा: खसरा संख्या 332, 333, 334 एवं 615 पर बन रहे अवैध बहुमंजिला भवनों को सील किया गया।

ग्राम खोदना कलां: खसरा संख्या 323, 324 एवं 194 पर प्राधिकरण की अनुमति के बिना किए जा रहे निर्माण कार्य को मौके पर ही रुकवा दिया गया और जगह को सील कर दिया गया।

कार्यवाही के दौरान वर्क सर्किल-2 के वरिष्ठ प्रबंधक नरोत्तम सिंह, मैनेजर रोहित गुप्ता और अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।

एसीईओ की चेतावनी: ‘अवैध कॉलोनियों में न फंसाएं गाढ़ी कमाई’

कार्रवाई के बाद एसीईओ सुमित यादव ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि ग्रेटर नोएडा के अधिसूचित एरिया में बिना नक्शा पास कराए कोई भी निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आम जनता से भावुक अपील करते हुए कहा:

“लोग अपनी जीवन भर की गाढ़ी कमाई अवैध कॉलोनियों और बिना स्वीकृत मानचित्र वाली इमारतों में न लगाएं। फ्लैट या जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण से उसकी वैधता की जानकारी जरूर लें। प्राधिकरण के रिकॉर्ड में चेक किए बिना किसी भी प्रॉपर्टी में निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है।”

प्राधिकरण के इस अभियान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ग्रेटर नोएडा में अब अवैध कॉलोनाइजरों के लिए कोई जगह नहीं है। सीलिंग के बाद प्राधिकरण इन इमारतों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया भी शुरू कर सकता है।

 

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