ग्रेटर नोएडा /भारतीय टॉक न्यूज़ : ग्रेटर नोएडा, नोएडा, ग्रेनो वेस्ट और गाजियाबाद के बीच रोजाना सफर करने वाले लाखों वाहन चालकों के लिए मंगलवार का दिन बड़ी राहत लेकर आया। 130 मीटर रोड पर तिलपता गोलचक्कर से मकौड़ा गोलचक्कर के बीच (पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्टे के पास) बनकर तैयार हुआ बहुप्रतीक्षित रेलवे ओवरब्रिज (ROB) आखिरकार वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। इस पुल के शुरू होने से अब वाहन चालकों को अंडरपास के ट्रैफिक जाम और बारिश के दिनों में जलभराव की समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।

1600 मीटर लंबा और 4-लेन का है यह फ्लाईओवर
प्राधिकरण से मिली जानकारी के मुताबिक, इस शानदार ओवरब्रिज की कुल लंबाई लगभग 1600 मीटर है और इसे फोर-लेन (4-Lane) बनाया गया है।
🔸किसने बनाया: इस आरओबी का निर्माण डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL) द्वारा किया गया है।
🔸नीचे से गुजरेगी मालगाड़ी: इस पुल के ठीक नीचे से डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की विशेष रेलवे लाइन गुजर रही है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एन.जी. रवि कुमार इस ओवरब्रिज के निर्माण को जल्द से जल्द पूरा कराने के लिए लगातार डीएफसीसीआईएल पर दबाव बनाए हुए थे। उनके विशेष प्रयासों के चलते ही इस प्रोजेक्ट को समय से पूरा कर जनता को समर्पित किया जा सका है।
130 मीटर रोड ग्रेटर नोएडा और ग्रेनो वेस्ट को आपस में जोड़ने वाली सबसे मुख्य लाइफलाइन है। इसके साथ ही जेवर में शुरू हुए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (DXN) तक जाने के लिए भी यह एक बेहद महत्वपूर्ण और सीधा मार्ग है। इस आरओबी के चालू होने से अब दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद से जेवर एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों का समय बचेगा और सफर बेहद सुगम हो जाएगा।
तिलपता गोलचक्कर पर बनेगा नया यूटर्न, टेंडर हुआ जारी
ब्रिज खुलने के साथ ही ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इस पूरे रूट को ‘नो-जाम जोन’ बनाने की तैयारी भी शुरू कर दी है। तिलपता चौराहे पर ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए गोलचक्कर के दोनों तरफ (पहले और बाद में) आधुनिक यूटर्न (U-Turn) बनाए जाएंगे।
| प्रोजेक्ट का नाम | तिलपता गोलचक्कर यूटर्न निर्माण (130 मीटर रोड) |
|---|---|
| मंजूरी देने वाले अधिकारी | सीईओ एन.जी. रवि कुमार |
| जिम्मेदार विभाग | वर्क सर्किल-7 (परियोजना विभाग) |
| वर्तमान स्थिति (टेंडर) | टेंडर जारी, 1 माह में प्रक्रिया होगी पूरी |
| निर्माण की समयसीमा | काम शुरू होने के बाद 3 से 4 महीने |
| मुख्य उद्देश्य | तिलपता चौराहे को ट्रैफिक जाम से पूरी तरह मुक्त करना |
प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने परियोजना विभाग को सख्त निर्देश दिए हैं कि यूटर्न का निर्माण तय समयसीमा के भीतर ही पूरा किया जाए। इसके साथ ही 130 मीटर रोड के चौड़ीकरण का काम भी तेजी से चल रहा है, जिससे भविष्य में इस पूरे स्ट्रेच पर गाड़ियां बिना किसी बाधा के सरपट दौड़ सकेंगी।

