ग्रेटर नोएडा/जेवर | भारतीय टॉक न्यूज़ : नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) के विकास कार्य में आ रही एक बड़ी कानूनी बाधा अब समाप्त हो गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमीन अधिग्रहण को चुनौती देने वाली किसानों की याचिका को खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद अब प्रशासन के लिए अधिग्रहण की कार्रवाई को पूरा करने और प्रोजेक्ट को गति देने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
क्या था मामला?
जेवर क्षेत्र के नीमका गांव के किसानों ने जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को गलत बताते हुए हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। किसानों का तर्क था कि अधिग्रहण प्रक्रिया मानकों के अनुरूप नहीं है और उन्होंने इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की थी। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। गहन सुनवाई के बाद, हाईकोर्ट ने अधिग्रहण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया और किसानों की याचिका को निरस्त कर दिया।
न्यायालय के इस फैसले पर जेवर के एसडीएम दुर्गेश सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कोर्ट ने अधिग्रहण की कार्रवाई को सही माना है।
“कोर्ट के इस निर्णय के बाद अब जमीन अधिग्रहण में आने वाली कानूनी रुकावटें दूर हो गई हैं। प्रशासन अब निर्बाध रूप से विकास कार्यों को आगे बढ़ा सकेगा।” – दुर्गेश सिंह, एसडीएम जेवर
इस फैसले को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना के लिए एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है। लंबे समय से चल रहे इस कानूनी विवाद के खत्म होने से अब निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है। जेवर एयरपोर्ट, जो कि उत्तर प्रदेश सरकार की एक ड्रीम परियोजना है, के लिए यह निर्णय विकास की गति को और रफ्तार देगा।

