भारतीय टॉक न्यूज़ (ब्यूरो रिपोर्ट) ग्रेटर नोएडा / दादरी: दादरी-नोएडा-गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र (DNGIR) यानी ‘न्यू नोएडा’ को धरातल पर उतारने की दिशा में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। परियोजना को रफ्तार देने और स्थानीय ग्रामीणों के हितों को ध्यान में रखते हुए नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने दादरी क्षेत्र के ग्राम प्रधानों के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ मैराथन बैठक की।
नोएडा प्राधिकरण के विशेष कार्याधिकारी (OSD) हर्षित तिवारी की मौजूदगी में हुई इस बैठक में न्यू नोएडा के प्रथम चरण के विकास, भूमि अधिग्रहण, मुआवजे की दरों और गांव के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बिंदुवार विस्तार से मंथन किया गया।
प्रथम चरण के गांवों के चयन और लैंड बैंक तैयार करने पर गहन चर्चा
बैठक के दौरान ओएसडी हर्षित तिवारी और ग्राम प्रधानों के बीच न्यू नोएडा के प्रथम चरण के लिए अधिसूचित किए गए गांवों के चयन की प्रक्रिया पर सीधी बात हुई। प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि प्रोजेक्ट को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए एक मजबूत और विवाद-रहित ‘लैंड बैंक’ तैयार करना पहली प्राथमिकता है।
रजिस्ट्री व बैनामा प्रक्रिया: ग्रामीणों की जमीन की रजिस्ट्री (बैनामा) की प्रक्रिया को सीधे प्राधिकरण स्तर से आसान और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाने पर सहमति जताई गई, ताकि बिचौलियों की भूमिका खत्म हो सके।
क्षेत्रीय कार्यालय का विकास: प्रोजेक्ट के सुचारू संचालन और किसानों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए मौके पर ही क्षेत्रीय कार्यालय (Regional Office) विकसित करने की योजना पर विस्तृत वार्ता हुई।
मुआवजा दरें बढ़ाने और बुनियादी विकास कार्यों की रूपरेखा तय
बैठक में दादरी क्षेत्र के ग्राम प्रधानों ने किसानों का पक्ष मजबूती से रखते हुए भूमि अधिग्रहण के बदले मिलने वाले मुआवजे को बढ़ाने की मांग रखी। ओएसडी हर्षित तिवारी ने आश्वासन दिया कि प्राधिकरण किसानों के हितों का पूरा ध्यान रखेगा और आपसी सहमति के आधार पर ही भूमि ली जाएगी।
इसके साथ ही अधिसूचित गांवों में सीवर, पक्की सड़कें, स्ट्रीट लाइट और सामुदायिक केंद्रों जैसे मूलभूत विकास कार्यों की रूपरेखा भी तैयार की गई। अधिकारियों और ग्राम प्रधानों के बीच बनी इस आपसी सहमति के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि न्यू नोएडा के लिए भूमि अधिग्रहण का काम बिना किसी बड़े विरोध के तेजी से आगे बढ़ेगा।

