ग्रेटर नोएडा/ भारतीय टॉक न्यूज़ : अवैध प्लॉटिंग और अतिक्रमण करने वाले कॉलोनाइजरों के खिलाफ ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (ग्रेनो प्राधिकरण) ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को प्राधिकरण की टीम ने ग्राम खोदना खुर्द में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए करीब 6,000 वर्ग मीटर जमीन को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त करा लिया। मुक्त कराई गई इस सरकारी जमीन की अनुमानित कीमत लगभग 12 करोड़ रुपये आंकी गई है।

सीईओ के निर्देश पर दो घंटे चला ‘पीला पंजा’
यह पूरी कार्रवाई ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ (CEO) एनजी रवि कुमार के सख्त निर्देशों के बाद की गई। जानकारी के मुताबिक, ग्राम खोदना खुर्द के खसरा संख्या 502 की यह जमीन प्राधिकरण द्वारा पहले ही अर्जित की जा चुकी थी और इस पर प्राधिकरण का कब्जा था। इसके बावजूद, कुछ स्थानीय कॉलोनाइजर इस कीमती जमीन पर अवैध रूप से प्लॉटिंग करने और कॉलोनी बसाने की फिराक में थे।
सोमवार दोपहर बाद प्राधिकरण के वर्क सर्किल-2 के वरिष्ठ प्रबंधक प्रदीप कुमार, प्रबंधक रोहित गुप्ता, सुपरवाइजर और भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की टीम मौके पर पहुंची। देखते ही देखते प्राधिकरण के बुल्डोजर ने वहां किए गए अवैध निर्माण और बाउंड्रीवॉल को ध्वस्त कर दिया। यह पूरी कार्रवाई करीब दो घंटे तक शांतिपूर्ण तरीके से चली।
एसीईओ की चेतावनी: “बिना अनुमति निर्माण पर होगी जेल”
प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (ACEO) सुमित यादव ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि ग्रेटर नोएडा के अधिसूचित (Notified) एरिया में बिना अनुमति या बिना नक्शा पास कराए किसी भी तरह का निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसा करने वालों के खिलाफ न सिर्फ तोड़फोड़ की जाएगी, बल्कि कड़ी कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। दोबारा निर्माण की कोशिश करने वालों पर एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जाएगी।
ग्रेनो प्राधिकरण ने आम नागरिकों और घर खरीदारों के लिए एक बेहद जरूरी सलाह (Advisory) भी जारी की है। एसीईओ सुमित यादव ने जनमानस से अपील करते हुए कहा:
“ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में कहीं भी प्लॉट, मकान या जमीन खरीदने से पहले अपनी गाढ़ी कमाई को दांव पर न लगाएं। जमीन की रजिस्ट्री देखकर सीधे सौदा न करें, बल्कि पहले प्राधिकरण के भूलेख विभाग (Land Records Department) में आकर जमीन के स्टेटस की पूरी जानकारी जरूर प्राप्त कर लें, ताकि आप किसी धोखाधड़ी का शिकार न हों।”
इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने में प्राधिकरण के महाप्रबंधक एके सिंह और वर्क सर्किल दो की टीम की मुख्य भूमिका रही। प्राधिकरण ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में अन्य गांवों में भी ऐसे अवैध कब्जों को चिन्हित कर उन्हें ढहाने का अभियान जारी रहेगा।

