ग्रेटर नोएडा: अवैध वेयरहाउस सील करने पहुंची प्राधिकरण टीम पर हमला; सुपरवाइजर से मारपीट और मोबाइल छीनने का आरोप, पुलिस ने नकारा

ग्रेटर नोएडा के मिलक लच्छी में अवैध वेयरहाउस सील करने गई प्राधिकरण टीम के साथ मारपीट और लूट का आरोप। पुलिस ने किया मारपीट से इनकार।

Partap Singh Nagar
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ग्रेटर नोएडा: अवैध वेयरहाउस सील करने पहुंची प्राधिकरण टीम पर हमला; सुपरवाइजर से मारपीट और मोबाइल छीनने का आरोप, पुलिस ने नकारा

ग्रेटर नोएडा | भारतीय टॉक न्यूज़ : जनपद के थाना बिसरख क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम मिलक लच्छी में रविवार को एक हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की टीम जब खसरा संख्या 1269 पर बने एक कथित अवैध वेयरहाउस को सील करने पहुंची, तो वहां स्थानीय लोगों और किसानों के साथ टीम की तीखी झड़प हो गई। प्राधिकरण के अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि उनके तकनीकी सुपरवाइजर के साथ मारपीट की गई और उनका मोबाइल व अन्य सामान छीन लिया गया।

प्राधिकरण का पक्ष: काम में बाधा और मारपीट

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक प्रभात शंकर ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें शिकायत मिली थी कि मिलक लच्छी स्थित खसरा संख्या 1269 की जमीन पर व्यावसायिक उपयोग के लिए अवैध निर्माण किया गया है। रविवार दोपहर करीब ढाई बजे जब प्राधिकरण की टीम कार्रवाई करने पहुंची, तो पुनीत और उनके साथियों ने टीम को काम करने से रोक दिया।

प्राधिकरण के अनुसार, विरोध के दौरान स्थानीय लोगों ने टीम के तकनीकी सुपरवाइजर सौरभ शर्मा के साथ न केवल मारपीट की, बल्कि उनका मोबाइल और अन्य कीमती सामान भी छीन लिया। स्थिति बिगड़ती देख टीम को अपनी सुरक्षा के लिए 112 पर पुलिस को फोन करना पड़ा। प्राधिकरण ने इस संबंध में पुलिस को लिखित तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

दूसरी ओर, मौके पर मौजूद किसानों और किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने प्राधिकरण की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि प्राधिकरण ने बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के सीधे आकर सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी, जो कि पूर्णतः गलत है। विरोध के कारण वहां का माहौल तनावपूर्ण हो गया था, जिसके बाद काफी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए।

इस पूरे मामले में बिसरख कोतवाली पुलिस और एसीपी सेंट्रल नोएडा का पक्ष प्राधिकरण के दावों से बिल्कुल अलग है। एसीपी सेंट्रल नोएडा पवन कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की प्रारंभिक जांच में “मारपीट जैसी कोई घटना नहीं हुई है।” पुलिस के अनुसार, जिस जमीन को लेकर विवाद है, उस पर एक किसान का कब्जा है और वह टीन शेड डालकर उसे गोदाम के रूप में इस्तेमाल कर रहा था। किसान ने बिना नोटिस हुई कार्रवाई का विरोध किया था। एसीपी ने कहा, “सोमवार को किसान पक्ष के लोग कोतवाली पहुंचे थे, लेकिन प्राधिकरण की ओर से कोई प्रतिनिधि नहीं आया। फिलहाल, मौके से सील हटा दी गई है और दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जा रही है।”

 

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