भारतीय टॉक न्यूज़ (विशेष रिपोर्ट)/ ग्रेटर नोएडा: तिलपता गांव में सड़क किनारे स्थित तालाब में डूबने से मानसिक रूप से कमजोर एक महिला की दर्दनाक मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा तालाब के सौंदर्यीकरण का काम कर रहे ठेकेदार पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। हादसे के बाद बैकफुट पर आई निर्माण एजेंसी ने अपनी कमियों को छिपाने के लिए आनन-फानन में रातभर पोल गाड़कर तालाब के चारों तरफ तार फेंसिंग का काम शुरू कर दिया।
10 से 12 फीट गहरा गड्ढा और बिना फेंसिंग के छोड़ दिया खुला पानी
तिलपता गांव के निवासियों का आरोप है कि गांव के तालाब के सौंदर्यीकरण का ठेका ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से एक निजी कंपनी को दिया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, शुक्रवार तक तालाब के चारों तरफ सुरक्षा के कोई इंतजाम या तार फेंसिंग नहीं की गई थी।
ठेकेदार ने तालाब के निचले हिस्से में करीब 10 से 12 फीट गहरा गड्ढा खोद रखा था। बिना गड्ढे को भरे या सुरक्षा घेरा बनाए ही सड़क पर जमा बारिश व जलभराव के पानी को सीधे तालाब में छोड़ दिया गया। इसी खुले और गहरे पानी की चपेट में आने से मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला तालाब में गिर गई और डूबने से उसकी जान चली गई।
हादसे के बाद रात में शुरू हुआ फेंसिंग का काम, पुलिस से शिकायत
हादसा होते ही अपनी गर्दन फंसती देख ठेकेदार और निर्माण टीम ने शुक्रवार देर रात ही मौके पर खंभे गाड़कर तार फेंसिंग (सुरक्षा घेरा) लगाने का काम शुरू कर दिया, जो शनिवार को भी जारी रहा। ग्रामीणों का कहना है कि अगर यह सुरक्षा घेरा समय रहते बना दिया जाता, तो एक मासूम महिला की जान बचाई जा सकती थी।
गुस्साए ग्रामीणों ने स्थानीय कोतवाली पुलिस को लिखित शिकायत देकर आरोपी ठेकेदार के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या व लापरवाही की धाराओं में सख्त कार्रवाई करने और संबंधित कंपनी को ब्लैकलिस्ट (काली सूची में दर्ज) करने की पुरजोर मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

