ग्रेटर नोएडा | भारतीय टॉक न्यूज़ : ग्रेटर नोएडा के घोड़ी बछेड़ा गांव में नवविवाहिता मोनिका नागर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत और शव को जंगल में जलाकर साक्ष्य मिटाने के सनसनीखेज मामले में पुलिस कमिश्नरेट ने बड़ा एक्शन लिया है। मामले में स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर लगातार उठ रहे सवालों, मृतका के परिजनों के गंभीर आरोपों और शुरुआती जांच में सामने आई घोर लापरवाही को देखते हुए कमिश्नरेट ने जांच दादरी पुलिस से छीनकर क्राइम ब्रांच को सौंप दी है। इसके साथ ही, विवेचना में ढिलाई और लापरवाही बरतने के आरोप में दादरी थाने के वरिष्ठ उपनिरीक्षक (SSI) दीनानाथ को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है।
ग्रेटर नोएडा व क्राइम ब्रांच के एसीपी राधा रमण सिंह ने बताया कि दो दिन पहले ही मामले की जांच क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर की गई है। अब पुलिस की विशेष टीम तकनीकी, वैज्ञानिक और फॉरेंसिक साक्ष्यों को नए सिरे से खंगाल रही है। इसके साथ ही आरोपियों के खिलाफ मुकदमे में कुछ और गंभीर धाराएं जोड़ने की तैयारी की जा रही है।
करोड़ों की संपत्ति के लालच में रचा शादी का स्वांग; ऑटो चालक से बना फॉर्च्यूनर का मालिक
मूल रूप से दुजाना गांव की रहने वाली मोनिका नागर के पिता का निधन पहले ही हो चुका था और वह नोएडा के बरौला गांव में अपनी मां के साथ रह रही थी। करीब तीन महीने पहले ही उसने घोड़ी बछेड़ा गांव के रहने वाले अनुज चौहान से प्रेम विवाह किया था। मोनिका के परिजनों का आरोप है कि मोनिका के नाम पर करोड़ों रुपये की पैतृक संपत्ति थी। इसी अकूत दौलत के लालच में आकर अनुज ने पहले उसे अपने प्रेमजाल में फंसाया और फिर शादी का नाटक रचा।
परिजनों का दावा है कि शादी के तुरंत बाद अनुज ने मोनिका की संपत्तियां बिकवानी शुरू कर दीं। जो अनुज पहले ऑटो चलाकर गुजारा करता था, उसने मोनिका की संपत्ति बेचकर रातों-रात एक स्कॉर्पियो गाड़ी खरीद ली और उसके पास एक फॉर्च्यूनर कार भी आ गई। जब मोनिका को इस साजिश का अहसास हुआ, तो रास्ते से हटाने के लिए 7 मई को अनुज चौहान ने उसकी बेरहमी से हत्या कर दी।
लाश को गाड़ी में लादकर जंगल ले गए, साक्ष्य मिटाने के लिए लगा दी आग
परिजनों ने वारदात के दिन की जो खौफनाक दास्तान बयां की, वह रूह कंपा देने वाली है। उन्होंने बताया कि 7 मई को जब उन्हें मोनिका के साथ अनहोनी की सूचना मिली और वे घोड़ी बछेड़ा गांव पहुंचे, तो आरोपी मोनिका के शव को एक गाड़ी में लाद रहे थे। परिजनों ने जब आरोपियों के वाहन का पीछा करने की कोशिश की, तो शातिरों ने उनकी गाड़ी में जोरदार टक्कर मार दी ताकि वे रुक जाएं। इसके बाद आरोपी साक्ष्य मिटाने के इरादे से मोनिका के शव को ग्रेटर नोएडा के एक सुनसान जंगल क्षेत्र में ले गए और वहां पेट्रोल डालकर लाश को आग लगा दी।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह आग बुझाकर अधजले शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। इस मामले में दादरी पुलिस पर शुरू से ही आरोपियों को शह देने और लापरवाही बरतने के आरोप लग रहे थे। हालांकि, पुलिस अब तक मुख्य आरोपी पति अनुज चौहान और उसे पेट्रोल मुहैया कराने वाले एक अन्य युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
वायरल वीडियो की होगी फॉरेंसिक और वैज्ञानिक जांच
इस पूरे हत्याकांड के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला फंदे से लटकती हुई दिखाई दे रही है। आरोपियों की तरफ से दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो मोनिका का है और उसने आत्महत्या की है। दूसरी तरफ, मोनिका के परिजनों ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए वीडियो को पुराना, एडिटेड और अधूरा बताया है। परिजनों का सीधा आरोप है कि हत्या को आत्महत्या का रूप देने और पुलिस जांच को भटकाने के लिए सोची-समझी साजिश के तहत यह वीडियो वायरल किया गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए क्राइम ब्रांच ने इस वीडियो को फॉरेंसिक लैब भेजने का फैसला किया है, ताकि वैज्ञानिक जांच से यह साफ हो सके कि वीडियो कब रिकॉर्ड हुआ और इसके साथ कोई छेड़छाड़ (एडिटिंग) की गई है या नहीं।

