नोएडा (गौतमबुद्धनगर)/ भारतीय टॉक न्यूज़ : खाकी की आड़ में गांजा तस्करों को संरक्षण देने और उनके साथ मिलकर नेटवर्क चलाने वाले एक सिपाही पर पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर ने अब तक का सबसे सख्त प्रहार किया है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देश पर आरोपी सिपाही पुनीत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, साथ ही विभागीय जांच के आधार पर उसे तत्काल प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त (Dismissed) कर दिया गया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक ऑडियो वायरल होने के बाद शुरू हुई इस जांच ने नोएडा पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है।
ऑडियो वायरल होते ही खुला ‘माफिया-सिपाही’ कनेक्शन
जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया पर एक ऑडियो कॉल तेजी से वायरल हुई थी, जिसमें गांजे की खेप, उसकी क्वालिटी (गुणवत्ता) और नई सप्लाई को लेकर बातचीत की जा रही थी। मामले की तकनीकी जांच और सर्विलांस की मदद ली गई, तो इसमें सेक्टर-20 थाना क्षेत्र में तैनात आरक्षी (सिपाही) पुनीत की संलिप्तता पाई गई।
जांच में सामने आया कि सिपाही का संपर्क कुख्यात महिला गांजा तस्कर हेमा से था, जो पहले भी नशीले पदार्थों की तस्करी के कई मामलों में नामजद रह चुकी है। सिपाही न केवल तस्करों को संरक्षण दे रहा था, बल्कि उनके इस काले कारोबार में बराबर की साठगांठ भी रख रहा था।
थाना सेक्टर-20 में मुकदमा दर्ज, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने ‘जीरो टॉलरेंस पॉलिसी’ के तहत कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए।
अपर पुलिस आयुक्त राजीव नारायण मिश्र ने बताया: “सोशल मीडिया पर सामने आए ऑडियो और तकनीकी साक्ष्यों का तुरंत संज्ञान लिया गया। जांच में सिपाही पुनीत की भूमिका संदिग्ध और दोषपूर्ण पाई गई, जिसके बाद थाना सेक्टर-20 में उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की गंभीर धाराओं में FIR दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। विभागीय प्रक्रिया पूरी करते हुए उसे सेवा से बर्खास्त भी कर दिया गया है।”
नूरी-हेमा गैंग के पूरे सिंडिकेट पर कसेगा शिकंजा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सिर्फ एक सिपाही की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी। नोएडा में सक्रिय नूरी-हेमा गैंग और गांजा तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क की अब विस्तृत पड़ताल की जा रही है।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इस सिंडिकेट को महकमे में या बाहर से और कौन-कौन लोग संरक्षण दे रहे थे। पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जांच में जिस किसी भी व्यक्ति या पुलिसकर्मी की संलिप्तता मिलेगी, उसके खिलाफ भी इसी तरह सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

