नोएडा हिंसा पर CP लक्ष्मी सिंह का कड़ा प्रहार: डीसीपी शैव्या गोयल और एसीपी उमेश कुमार हटाए गए; मास्टरमाइंड यूट्यूबर हिमांशु ठाकुर गिरफ्तार

नोएडा हिंसा के बाद CP लक्ष्मी सिंह का बड़ा एक्शन: डीसीपी शैव्या गोयल और एसीपी उमेश कुमार हटाए गए। यूट्यूबर हिमांशु ठाकुर की गिरफ्तारी से खुली हिंसा की साजिश।

Partap Singh Nagar
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नोएडा हिंसा पर CP लक्ष्मी सिंह का कड़ा प्रहार: डीसीपी शैव्या गोयल और एसीपी उमेश कुमार हटाए गए; मास्टरमाइंड यूट्यूबर हिमांशु ठाकुर गिरफ्तार

नोएडा | भारतीय टॉक न्यूज़ : जनपद गौतमबुद्धनगर में पिछले दिनों हुई हिंसा और औद्योगिक क्षेत्र में मचे उपद्रव के बाद पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। पुलिस आयुक्त ने सेंट्रल नोएडा जोन की डीसीपी शैव्या गोयल और एसीपी उमेश कुमार को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। यह कार्रवाई हिंसा और कानून-व्यवस्था संभालने में कथित विफलता के बाद की गई है।

महज 19 दिन का कार्यकाल, सेंट्रल जोन में नया प्रभार

आईपीएस अधिकारी शैव्या गोयल, जिन्हें 1 अप्रैल 2026 को ही सेंट्रल नोएडा जोन और साइबर सुरक्षा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी, का महज 19 दिनों के भीतर तबादला कर दिया गया है। इससे पहले वह साइबर और नारकोटिक्स विभागों में अपनी सक्रिय भूमिका निभा चुकी थीं। उनके स्थान पर अब ट्रैफिक विभाग संभाल रहे डीसीपी शैलेंद्र कुमार सिंह को सेंट्रल नोएडा जोन का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। अब डीसीपी शैलेंद्र सिंह पर कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन दोनों की दोहरी जिम्मेदारी होगी। कमिश्नरेट में हाल के समय में यह तीसरा बड़ा प्रशासनिक बदलाव है।

हिंसा के पीछे बड़ी साजिश: यूट्यूबर हिमांशु ठाकुर गिरफ्तार

प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ पुलिस की जांच में हिंसा के पीछे की बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल यूट्यूबर हिमांशु ठाकुर को गिरफ्तार किया है।

साजिश का तरीका: पुलिस प्रवक्ता विजय कुमार गुप्ता ने बताया कि हिमांशु ठाकुर घटना के दिन नोएडा में ही मौजूद था और वह मुख्य साजिशकर्ता आदित्य आनंद के सीधे संपर्क में था। वह वीडियो कॉल के जरिए श्रमिकों को भड़काने और उकसाने का काम कर रहा था।

रिसर्च और कनेक्शन:  प्रारंभिक जांच में पता चला है कि हिमांशु उच्च शिक्षित है और श्रमिकों की समस्याओं पर शोध (Research) करने की आड़ में सक्रिय था। वह ‘आकृति’ नामक युवती के संपर्क में आने के बाद इस गिरोह से जुड़ा था। पुलिस आकृति को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, जिसने हिमांशु को आदित्य आनंद से मिलवाया था।

13 अप्रैल की हिंसा और पुलिस की सख्ती

गौरतलब है कि 13 अप्रैल को फैक्टरियों के हजारों कामगारों ने वेतन वृद्धि की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू किया था, जो देखते ही देखते हिंसक हो गया। उपद्रवियों ने तोड़फोड़, पत्थरबाजी और आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया था। पुलिस, एसटीएफ (STF) और खुफिया एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की तैयारी पूरी कर ली है।

 

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